ब्रॉडबैंड से सामाजिक और आर्थिक क्रांति

- Author, उमर फ़ारूक़
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार यूनियन यानि आईटीयू ने कहा है की ब्रॉडबैंड नेटवर्क, दुनिया में ग़रीबी, अनपढ़ता और रोगों के विरुद्ध लड़ाई में एक क्रांतिकारी भूमिका निभा सकता है. आईटीयू सूचना और टेलीकम्यूनीकेशन के विषय पर संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था है.
आईटीयू के मुताबिक ब्रॉडबैंड के सहारे सरकारें और दूसरे संस्थान अपनी सेवाएं प्रभावशाली ढंग से आम लोगो को उपलब्ध करवा सकते हैं.
संयुक्त राष्ट्र की संस्था आईटीयू का पांचवां ‘विश्व दूरसंचार विकास सम्मेलन’ सोमवार को हैदराबाद में शुरु हुआ. आईटीयू के महासचिव हमदोन तोरे ने दस दिन लंबे सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा की यहां जो भी फ़ैसले होंगे उनके परिणाम दूरगामी होंगे.
इस सम्मलेन में विश्व के 187 देशों से 1300 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. इस सम्मलेन में मोबाइल फ़ोन, इंटरनेट और ब्रॉडबैंड के फैलाव के चौंका देने वाले आंकड़े सामने आए हैं.
विस्तार
आईटीयू के अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष विश्व में मोबाइल फ़ोनों संख्या पांच अरब तक पहुँच गई है.
चार वर्ष पहले ये संख्या 2.2 अरब थी. इस की तुलना में तार से जुड़े टेलीफ़ोनों की संख्या तेज़ी से गिर रही है. गत चार वर्षों में उन की संख्या में थीं एक करोड़ साठ लाख की कमी हुई है.

इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या में भी पिछले चार वर्षों में 77 करोड़ का इजाफ़ा हुआ है. प्रतिदिन ट्विटर पर पांच करोड़ संदेश भेजे जा रहे हैं और फ़ेसबुक के सदस्यों की संख्या 40 करोड़ तक पहुंच गई है.
मोबाइल ब्रॉडबैंड कनेक्शन की संख्या चार वर्ष पहले सात करोड़ थी और अब ये बढ़कर 67 करोड़ हो गई है.
आईटीयू के हमदोन तोरे का कहना था, "अच्छी बात ये है कि टेलीकॉम सेवाओं में सर्वाधिक बढ़ोतरी विकासशील देशों में हो रही है. पिछले चार सालों में जो दो अरब पचास करोड़ नए मोबाइल आये हैं उन में से दो अरब कनेक्शन विकासशील देशों में हैं.”
लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अब भी विकासशील देश विकसित देशों से कहीं पीछे हैं, क्योंकि विकसित देशों में हर तीसरा व्यक्ति इंटरनेट से जुड़ा है वहीं विकासशील देशों में पांच में से चार व्यक्ति अब भी इंटरनेट से दूर हैं.
भारत
आईटीयू के निदेशक सामी अल बशीर अल मुर्शिद ने भारत में सूचना दूरसंचार में हुई तरक्की की तारीफ़ की. उन्होंने कहा, "भारत ने बहुत ही ठोस अंदाज़ में ये बताया है की कैसे सूचना और संचार टेक्नोलॉजी की शक्ति का उपयोग करते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास हो सकता है."

भारत के दूरसंचार मंत्री ए राजा ने कहा की भारत में हर महीने दो करोड़ नए फ़ोन कनेक्शन जुड़ रहे हैं.
राजा ने कहा कि विश्व की एक तिहाई जनसंख्या को प्राथमिक टेलिफोन की सुविधा उपलब्ध नहीं है और इस सम्मेलन में इसी दूरी पाटने के लिए उचित क़दम उठाए जाने चाहिए.
चार जून को सम्मेलन के आख़िरी दिन हैदराबाद में घोषणा पत्र जारी किया जाएगा. इस घोषणापत्र की सिफ़ारिशें संयुक्त राष्ट्र की उस बैठक में रखी जाएगीं जिसमें सितंबर में दुनिया भर के नेता इस बात का जायज़ा लेंगे कि ग़रीबी, असाक्षरता और दूसरी समस्याओं के समाधान के लिए जो लक्ष्य रखे गए थे उन्हें कहां तक पूरा किया जा सका है.
































