रेल बजट 2011: ख़ास बातें

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शुक्रवार को रेलवे मंत्री ममता बनर्जी ने संसद में वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए रेल बजट प्रस्तुत किया. इस बजट की सबसे ख़ास बात ये रही कि इस बार भी रेल भाड़े में को इजाफ़ा नहीं किया गया है.
इसके अलावा पश्चिम बंगाल, जहां ममता बनर्जी इस वर्ष होने विधानसभा चुनावों में वामपंथी मोर्चे को मात देने की कोशिश में हैं, का ख़ास ध्यान रखा गया है.
रेलवे बजट की ख़ास बातें
-रेल किराए में कोई वृद्धि नहीं, कई नई रेल गाड़ियां चलाने की घोषणा
-महिलाओं को 58 वर्ष की आयु में ही वरिष्ठ नागरिकों की रियायत
-वरिष्ठ नागरिकों को किराए में 40 प्रतिशत रियायत
-रेल पटरियों के किनारे रहने वाले लोगों के लिए सुखी गृह योजना
-रेल परिवारों को 14 लाख सीएफएल की मुफ्त आपूर्ति
-रेल कर्मचारियों के बच्चों के लिए 20 अतिरिक्त छात्रावास
-अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कोटा के बैकलॉग सहित
-ग्रुप-सी और डी की 1.75 लाख रिक्तियों के लिए भर्ती
-प्रेस संवाददाताओं को परिवार सहित 50 प्रतिशत की रियायत बढ़ाकर साल में दो बार करने का प्रस्ताव
-जम्मू और कश्मीर में पुल कारखाना,जम्मू में सुरंग एवं पुल इंजीनियरी के लिए संस्थान
देश में 56 नई एक्सप्रेस, तीन नई शताब्दी और नौ दुरंतो ट्रेनें शुरू होंगी
-जयपुर-दिल्ली और अहमदाबाद-मुंबई के बीच डबल डैकर रेल सेवा
-सिंगूर में मेट्रो कोच फैक्टरी स्थापित की जाएगी
-मणिपुर में डीजल रेल इंजन केन्द्र स्थापित किया जाएगा
-दार्जीलिंग में 'सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस इन सॉफ्टवेयर' स्थापित किया जाएगा
-वर्ष 2011-12 में 1,000 कि.मी. नई लाइनों 867 कि.मी. दोहरीकरण, 1017 कि.मी. आमान (गेज) परिवर्तन का लक्ष्य रखा गया है.
-यात्री गाड़ियों की रफ्तार 160-200 कि.मी. तक बढ़ाने के लिए जापान की सहायता से व्यावहारिकता अध्ययन करना
वित्तीय योजना
-अब तक का 57,630 करोड़ रुपए का सर्वाधिक परिव्यय
-सकल बजटीय सहायता 20,000 करोड़ रुपए
-डीजल उपकर 1,041 करोड़ रुपए
-आंतरिक संसाधन 14,219 करोड़ रुपए
सार्वजनिक निजी भागीदारी/डब्ल्यूआईएस 1,776 करोड़ रुपए
































