चीन सरकार के विरोधी नजरबंदी से निकल भागे

इमेज स्रोत, BBC World Service
चीन में जगजाहिर सरकार विरोधियों में से एक चेन ग्वांगचेंग नजरबंदी के बीच अपने घर से निकल भागने में सफल रहे हैं. इसके बाद उन्होंने एक वीडियो टेप जारी किया है जिसमें प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ को संबोधित किया गया है.
इस वीडियो टेप में उन्होंने तीन मांगें रखी हैं. जिसमें से एक यह है कि प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ इस बात की जाँच करवाएँ कि उनके परिजनों को किस तरह क्रूरता पूर्वक मारा-पीटा जाता है.
40 वर्षीय चेन ग्वांगचेंग दृष्टिहीन हैं.
चार वर्ष जेल की सजा काटने के बाद उन्हें वर्ष 2010 में रिहा किया गया था और तब से वे अपने घर में नजरबंद थे.
कहाँ है चेन?
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि चेन को उनके शांगडोंग प्रांत में डोंगशिगु शहर स्थित उनके घर से छिपाकर बाहर निकाला गया.
ये स्पष्ट नहीं है कि वे कहाँ हैं लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि वे बीजिंग में सुरक्षित हैं.
एक कार्यकर्ता ने बीबीसी को बताया कि चेन ने पहले एक ऊँची दीवार फांदी और उसके बाद सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करके वे बीजिंग में अमरीकी दूतावास पहुँचे.
लेकिन दूसरे कार्यकर्ताओं ने सिर्फ इतना कहा है कि वे 'बीजिंग में सुरक्षित स्थान' पर हैं.
अमरीकी दूतावास ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. लेकिन वॉशिंगटन में विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है.
वीडियो संदेश
एक अंधेरे से कमरे में वीडियो शूट किया गया है. इस वीडियो में चेन कह रहे हैं कि सुरक्षाकर्मियों से घिरे अपने घर से, जिसमें उन्हें नजरबंद करके रखा गया था, निकल भागना आसान नहीं था.
cउनका ये वीडियो अमरीका से चल रहे चीन सरकार विरोधी एक वेबसाइट बॉक्सन में जारी किया गया है.
इसमें चेन ने तीन मांगें रखी हैं. एक ये कि प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ इस बात की जाँच करें कि उनके परिजनों को किस तरह से क्रूरता पूर्वक पीटा जाता है और दोषी अधिकारियों को सजा दी जाए.
दूसरा उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और तीसरा चीन में भ्रष्टाचार से निपटा जाए और दोषी लोगों को कानून के अनुसार सजा दी जाए.
चेन ने कुछ अधिकारियों का नाम भी लिया है जिन्होंने उनसे कहा है कि वे 'कानून की परवाह नहीं करते'.
उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा है, "मैं मुक्त हो गया हूँ लेकिन मेरी असली चिंता मेरे परिवार को लेकर है...मेरी पत्नी, मेरा बच्चा और मेरी माँ. मेरे निकल भागने से हो सकता है कि उन पर और क्रूर अत्याचार हो."
चेन के खिलाफ कार्रवाई और उन पर होने वाले अत्याचारों को लेकर चीन के अधिकारियों की विश्वव्यापी निंदा हुई थी.
एक समय उनकी बेटी को स्कूल जाने से रोक दिया गया था. उनके बहुत से शुभचिंतकों का कहना था कि जब वे चेन से मिलने पहुँचे तो उनकी भी पिटाई की गई.
अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी उनकी रिहाई की मांग की थी और वे अगले हफ़्ते बीजिंग के दौरे पर आ रही हैं.
































