विद्या का बैडलक और बिपाशा का गुडलक

अजय देवगन की 'आल द बेस्ट' के लिए बिपाशा बसु से पहले विद्या बालन को साइन किया जा रहा था.
विद्या ने कहानी भी सुनी थी और सुनते-सुनते ख़ूब हंसी भी थीं लेकिन उनके लिए रोने वाली बात यह थी कि कहानी बेहद पसंद आने के बाद भी वह फ़िल्म का हिस्सा नहीं बन सकीं क्योंकि उनके पास डेट नहीं थी.
फ़िल्म के निर्देशक रोहित शेट्टी पूरी फ़िल्म की शूटिंग एक साथ करना चाहते थे. विद्या उन्हें इतनी सारी डेट्स एक साथ दे नहीं पाईं. इस तरह विद्या की हार हुई और बिपाशा की जीत
वज़न घटाने वाली मशीन
प्रियंका चोपड़ा के डॉक्टर मम्मी-पापा ने एक ऐसी मशीन आयात की है जिससे कोई भी आदमी सिर्फ़ आधे घंटे में वज़न कम कर सकता है.

यह मशीन इसी हफ़्ते भारत आई है और डॉक्टर चोपड़ा लोगों के लिए अपने क्लिनिक में रखेंगे. अब तो यह आने वाला वक़्त ही बताएगा कि इन दोनों डॉक्टर की बातों और मशीन में कितनी सच्चाई है.
वैसे एक बात तो पक्की है कि प्रियंका पहले से ही इतनी दुबली-पतली हैं कि उन्हें इस तकनीकी करिश्मे की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.
माई पार्टनर इज़ खानकरण जौहर ने शाहरुख़ ख़ान को 'माई नेम इज़ ख़ान' में भागीदार इसलिए बनाया क्योंकि फ़िल्म का बजट इतना बढ़ गया था कि उनके लिए शाहरुख़ ख़ान की फ़ीस देनी मुश्किल हो रही थी.
मानो या न मानो इस फ़िल्म के ख़त्म होते-होते करण के 70 करोड़ रुपए लग चुके होंगे. तो करण ने शाहरुख़ से कहा कि उनकी फ़ीस रुपयों में देने की बजाय वह उन्हें फ़िल्म में भागीदारी दे देंगे.
बस, यह बात सुपरस्टार को पसंद आ गई और वे भी बन गए 'माई नेम इज़ ख़ान' के निर्माता. अब करण जौहर सबसे कह सकते हैं 'माई पार्टनर इज़ ख़ान'.
क्लाइमेक्स के लिए करें इंतज़ार
रामगोपाल वर्मा की नई फ़िल्म 'अज्ञात' के अंत तक दर्शकों को यह पता ही नहीं चलता है कि फ़िल्म में हत्या करने वाला वहशी दरिंदा कौन है? उसकी जगह दर्शकों से कहा जाता है कि यह जानने के लिए उन्हें 'अज्ञात-2' का इंतज़ार करना पड़ेगा.

'अज्ञात-2' की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन 'अज्ञात' से लोगों को रामू के मन की बात ('अज्ञात-2' बनाने की ) बताई गई लेकिन रामू के नई फ़िल्म 'रक्त चरित्र' और उसके सिक्वेल, दोनों फ़िल्मों की शूटिंग एक साथ ही होगी.
पहले 'रक्त चरित्र' रिलीज़ होगी और उसके तीन महीने बाद 'रक्त चरित्र-2'. हाँ यह बात ज़रूर है कि 'अज्ञात' के फ़्लाप होने के बाद, रामू शायद 'अज्ञात-2' बनाए ही नहीं और तो और अगर उनमें समझ है तो 'रक्त चरित्र' का सिक्वल तो कम से कम 'रक्त चरित्र' चलने के बाद बनाने की सोचेंगे.
सलमान के फ़ैन
यह बात मज़ेदार है, शायद सलमान ख़ान भी नहीं जानते हैं कि उनकी 'वॉंटेड' की जो स्टैंडी (आदमक़द कटआउट) सिनेमा घरों में रखी गई है. इससे उनके फ़ैन इतने प्रभावित हैं कि वे फूले नहीं समा रहे हैं.

बहुत महीने से सलमान मियां की कोई फ़िल्म चली नहीं है और पब्लिक को 'वॉंटेड' से बहुत उम्मीद है.
इंदौर के एक मल्टीप्लैक्स में तो हर रोज़ आठ-दस लोग सलमान की स्टैंडी के सामने सष्टांग प्रणाम करते हैं और चुप-चाप चले जाते हैं.
भाई, मानना पड़ेगा, हिट या फ़्लाप, सलमान का जलवा कम नहीं पड़ा है.
'डेल्ही बेली' अब अगले साल
आमिर ख़ान नहीं कहते हैं लेकिन अंदर की ख़बर है कि उनकी अंग्रेज़ी फ़िल्म 'डेल्ही बेली' की रीलिज़ आगे बढ़ा दी गई है.

इसका हीरो इमरान ख़ान की पिछली फ़िल्मों के फ़्लाप होने से कोई लेना-देना नहीं है.
आमिर 'डेल्ही बेली' पहले इंटरनेशनल मार्केट में रीलिज़ करना चाहते थे और उसके बाद भारत में.
ताज़ा ख़बर यह है कि अब यह फ़िल्म अगले साल रिलीज़ होगी, इस साल नहीं.
































