दूसरों को देख के कुछ नहीं करती: सुष्मिता

फ़िल्म अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन को दूसरों की देखा-देखी कुछ भी करना पसंद नहीं है.
सुष्मिता कहती हैं, " साइज़ ज़ीरो हो जाओ तो सब तारीफ़ करेंगे, इस चक्कर में लोग दूसरों जैसा बनना चाहते हैं जो मुझे नापसंद है."
हाल ही में एक रियल एस्टेट कम्पनी की ब्रैंड एम्बेसेडर बनाए जाने के मौक़े पर पत्रकारों से बात करते हुए सुष्मिता सेन ने अपने जीवन से जुड़े कई पन्ने पलटे.
1994 में मिस यूनिवर्स का ख़िताब जीतने वाली सुष्मिता ने बचपन में ही कुछ बड़ा करने का निर्णय कर लिया था.
सुष्मिता ने कहा, " बचपन में जब मैंने टीवी पर अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा को चंद्रमा पर सारे जहां से अच्छा गाते सुना तो मैंने अपने पापा से पूछा की ये कौन हैं. पापा ने बताया की ये एक प्रसिद्ध व्यक्ति है. बस तभी से मैंने भी कुछ बनने की ठान ली."
हालात चाहे जैसे भी हों सुष्मिता कभी हार नहीं मानतीं.
सुष्मिता कहती हैं, " मैं जब थक जाती हूँ तो ऐसे लोगों को देखती हूँ जो मुझसे कहीं ज्यादा मेहनत करते हैं. तब इस बात का एहसास होता है कि हम बहुत खुशकिस्मत है."
फ़िल्म स्लमडॉग मिलियनेयर की कलाकार फ्रीदा पिंटो ने हाल ही में कहा था कि सुष्मिता उनकी प्रेरणा हैं.
इस बारे में सुष्मिता कहती हैं," अगर मुझसे किसी को प्रेरणा मिलती है तो यह मेरे लिए ख़ुशी की बात है क्योंकि एक समय पर मैं भी सफल बनना चाहती थी और आज इतने वर्षों बाद कोई मुझसे प्रेरणा ले रहा है."
































