You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
जयपुर ट्रैफिक पुलिस के विज्ञापन पर क्यों भड़के जसप्रीत बुमराह?
भारतीय क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह ने ट्रैफिक जागरूकता के एक विज्ञापन में अपनी नो बॉल वाली तस्वीर के इस्तेमाल पर नाराज़गी जताई है, जिस पर जयपुर ट्रैफ़िक पुलिस ने सफ़ाई भी दी है.
दरअसल, चैंपियंस ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल मुक़ाबले में जसप्रीत बुमराह ने शुरुआत में ही सलामी पाकिस्तानी बल्लेबाज़ फख़र ज़मान का विकेट ले लिया था, लेकिन वह गेंद नो-बॉल करार दे दी गई. इसके बाद फ़ख़र ज़मान जमकर खेले और शतक ठोंक दिया, जिसकी बदौलत पाकिस्तान ने भारत को 339 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था. बड़े लक्ष्य के दबाव में भारतीय टीम 158 रनों पर आउट होकर हार गई थी.
मैच के बाद बहुत लोगों ने बुमराह की 'नो बॉल' को मैच का 'निर्णायक' मौका बताया था.
जयपुर ट्रैफ़िक पुलिस ने बुमराह की इसी नो बॉल वाली तस्वीर से एक विज्ञापन बनाया. उन्होंने एक तरफ़ वह तस्वीर लगाई जिसमें बुमराह का पांव लाइन के बाहर जाता दिख रहा है और दूसरी तरफ ज़ेब्रा क्रॉसिंग से पीछे खड़ी गाड़ियों की तस्वीर लगाई.
इसके साथ लिखा, 'लाइन क्रॉस मत कीजिए. आप जानते हैं कि यह महंगा पड़ सकता है.'
जयपुर पुलिस का मक़सद था कि लोगों को ट्रैफिक चौराहों पर अपनी कारें ज़ेब्रा क्रॉसिंग से पीछे खड़ी करने के लिए जागरूक किया जाए. विज्ञापन के नीचे यह भी लिखा था कि 'यह जानकारी केवल यातायात जागृति के लिए है.' यह विज्ञापन जयपुर में लगाया गया.
'लेकिन मैं आपका मज़ाक नहीं उड़ाऊंगा'
हालांकि जसप्रीत बुमराह को यह विज्ञापन पसंद नहीं आया. नाराज़गी जताते हुए उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'वाह जयपुर ट्रैफिक पुलिस. ये दिखाता है कि देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के बाद भी आपको कितना सम्मान मिलता है.'
एक और ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'लेकिन चिंता मत कीजिए, मैं काम के दौरान की गई ग़लतियों के लिए आपका मज़ाक नहीं उड़ाऊंगा, क्योंकि मैं मानता हूं कि इंसानों से ग़लती हो सकती है.'
दो पक्षों में बंटे ट्विटर यूजर्स
इसके बाद जयपुर ट्रैफ़िक पुलिस ने इस पर सफाई पेश की.
उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया, 'प्रिय जसप्रीत बुमराह, हमारा मक़सद आपकी या लाखों क्रिकेटप्रेमियों को भावनाओं को चोट पहुंचाना नहीं था. हम सिर्फ ट्रैफिक नियमों के बारे में और जागरूकता फैलाना चाहते थे. आप एक यूथ आइकन हैं और हम सबके लिए प्रेरणा हैं.'
इसके बाद ट्विटर यूजर्स दो पक्षों में बंटे नज़र आए. कुछ ने लिखा कि विज्ञापन वाकई जसप्रीत बुमराह का मज़ाक उड़ाता सा लगता है, लेकिन क्रिकेटप्रेमी उनके साथ हैं. कुछ ने लिखा कि यह हलके फुलके अंदाज़ में पेश किया गया एक रचनात्मक विज्ञापन था, जिस पर उन्हें आहत होने की ज़रूरत नहीं थी.
जयपुर ट्रैफिक पुलिस के ट्विटर हैंडल को मेंशन करते हुए दीपांशु नतानी ने लिखा, 'जयपुर ट्रैफिक पुलिस हम आपके साथ हैं. आप ट्रैफिक नियमों की जागरूकता बनाने के लिए रचनात्मक तरीका लेकर आए हैं. इसमें आहत होने जैसा कुछ नहीं है.'
मृणाल जैन, मन्ना कुशवाहा और रवि पारीक ने भी ऐसी ही बातें लिखीं.
महामाया चटर्जी ने बुमराह को मेंशन करते हुए लिखा, 'चिंता मत करिए सर. चाहे कुछ हो जाए, हम हमेशा आपके साथ हैं. वो सिर्फ एक बुरा दिन था. मैं आपका बड़ा फैन था, हूं और हमेशा रहूंगा. और जो लोग मज़ाक उड़ा रहे हैं वो क्रिकेट के बारे में कुछ नहीं जानते. उन्हें इग्नोर करिए. आपके सच्चे फैन हमेशा आपके साथ हैं.'
अर्जुन सिंह तोमर ने जयपुर ट्रैफिक पुलिस के हैंडल को लिखा, 'बस अब यही बचा है इनके पास. पहले जाकर अपराध रोकिए. वह भारतीय क्रिकेट टीम से खेलते हैं, थोड़ा सम्मान दिखाइए.'
करन कुकरेजा ने लिखा, 'यह सिर्फ एक चुटकुला है. आप लोग हर बात को इतनी गंभीरता से क्यों ले लेते हैं? ठंड रखिए. आप बिना कोच के हैं. मज़े लीजिए.'
जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने अपने विज्ञापन पर खेद नहीं जताया है. फिर भी कुछ लोग मान रहे हैं कि वह बैकफुट पर हैं उन्होंने सफाई में इतना कहा है कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था और वह बुमराह को प्रेरणा मानते हैं.
लेकिन बुमराह ने इस सफ़ाई पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)