You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
अमित शाह संसद में क्यों पहुंचना चाहते हैं?
- Author, रजनीश कुमार
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात से राज्यसभा के लिए पर्चा भरा है. बीजेपी संसदीय बोर्ड ने अमित शाह को राज्यसभा भेजने का फ़ैसला किया है.
अब तक अमित शाह गुजरात से विधायक थे. अमित शाह के राज्यसभा में आने को लेकर कई तरह की संभावनाएं जताई जा रही हैं.
आख़िर बीजेपी के अहम रणनीतिकार और प्रधानमंत्री मोदी के सबसे भरोसेमंद शाह राज्यसभा क्यों जाना चाह रहे हैं? क्या अमित शाह मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे? अमित शाह के राज्यसभा में जाने से क्या अपर हाउस में बीजेपी मजबूत होगी?
अब राज्यसभा में वेंकैया नायडू सभापति होंगे. यहां अरुण जेटली बीजेपी के नेता हैं. ऐसे में वहां शाह जाकर क्या करेंगे?
बीजेपी नेता शेषाद्री चारी ने बीबीसी से कहा, ''अगर अमित शाह मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होते हैं तो उन्हें अध्यक्ष पद छोड़ना होगा क्योंकि बीजेपी में एक नेता दो पद का प्रावधान नहीं है. अमित शाह के पार्टी अध्यक्ष का कार्यकाल 2018 तक है.''
राज्यसभा में बीजेपी को बहुमत नहीं है. लेकिन आने वाले वक़्त में बीजेपी वहां भी बहुमत में आ जाएगी.
वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन का बीजेपी के इस फ़ैसले पर मानना है कि बीजेपी राज्यसभा में अपनी रणनीति को मजबूत करना चाहती है. लेकिन वहां तो अरुण जेटली जैसे वरिष्ठ नेता पहले से ही मौजूद हैं. ऐसे में अमित शाह क्या करेंगे?
इस सवाल पर सिद्धार्थ वरदराजन कहते हैं कि अमित शाह की छवि एक दंबग नेता की है. हो सकता है पार्टी वहां कुछ और रणनीति पर काम कर रही है.
सिद्धार्थ ने कहा, ''ये भी संभव है कि उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दे दी जाए. लेकिन बीजेपी एक व्यक्ति एक पद पर सख्ती से बनी रहती है तो उन्हें अध्यक्ष पद छोड़ना होगा और इसकी संभावना अभी दिखती नहीं है. रक्षा मंत्रालय जैसा अहम मंत्रालय मोदी मंत्रिमंडल में खाली है. इसे लेकर भी कयास लगाया जा रहा है कि शायद उन्हें अहम मंत्रालय की ज़िम्मेदारी सौंपी जा सकती है.''
एक बात यह भी कही जा रही है कि राज्यसभा में वेंकैया नायडू, अरुण जेटली और अमित शाह की मौजूदगी से पार्टी को बिल पास कराने में आसानी होगी. सिद्धार्थ का मानना है कि अमित शाह गुजरात के खांचे से कब का बाहर निकल चुके हैं और वह अब देश के बड़े राष्ट्रीय नेता हैं.
बिहार में नीतीश कुमार को फिर से साथ लाने को 2019 की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. अमित अभी से भारत के कई राज्यों के दौरे में मशगूल हैं. ऐसे में अध्यक्ष पद छोड़ मंत्री बनना लोगों को हैरान कर सकता है.
सिद्धार्थ वरदराजन कहते हैं कि अमित शाह राज्यसभा क्यों जा रहे हैं इसे शाह और मोदी के सिवा कोई भी नहीं जानता होगा.
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक अभय कुमार दुबे का मानना है कि अमित शाह मंत्रिमंडल में शामिल किए जाते हैं तो यह फ़ैसला चौंकाने वाला होगा. दुबे ने कहा कि कोई पार्टी नहीं चाहेगी कि चुनाव के वक़्त पार्टी के नेतृत्व में परिवर्तन हो.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिएयहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)