करुणानिधि का 94 साल की उम्र में निधन

करुणानिधि
पढ़ने का समय: 3 मिनट

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के अध्यक्ष एम करुणानिधि का मंगलवार शाम चेन्नई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वो 94 बरस के थे.

करुणानिधि ने आख़िरी सांस मंगलवार शाम 6.10 बजे ली. 28 जुलाई की रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें द कावेरी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. अस्पताल में भर्ती किए जाने से पहले करुणानिधि बुखार और इंफेक्शन से जूझ रहे थे.

तमिलनाडु

करुणानिधि अक्टूबर 2016 से ही अपनी सेहत की समस्या से जूझ रहे थे. उन्हें 2016 के दिसबंर महीने में भी अस्पताल में भर्ती किया गया था. तब उन्हें गले और फेफड़े में इंफेक्शन हुआ था.

छोड़िए YouTube पोस्ट
Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट YouTube समाप्त

इस दुखद ख़बर से पूरे तमिलनाडु में शोक की लहर फैल गई है. अस्पताल के बाहर लोग अपने प्रिय नेता के ग़म में रो भी रहे हैं.

करुणानिधि करीब आठ दशकों तक राजनीति में सक्रिय रहे. वो पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे. उन्होंने 13 बार विधानसभा का चुनाव लड़ा और हर बार जीत हासिल की.

करुणानिधि का जन्म 3 जून 1924 को तमिलनाडु के नागापट्टिनम ज़िले में हुआ था. उनके पिता का नाम मुथुवेल और मां का नाम अंजुकम था.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

करुणानिधि के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जताया है. पीएम ने कहा कि करुणानिधि भारत के सबसे सीनियर नेता थे. मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ''हमने ज़मीन से जुड़े एक नेता को खो दिया है. वो एक बेहतरीन लेखक थे और उनका पूरा जीवन ग़रीबों के कल्याण में समर्पित रहा.''

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

करुणानिधि बीते कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका चेन्नई स्थित आवास में ही इलाज किया जा रहा था.

शुक्रवार तड़के उन्हें चेन्नई के कावेरी अस्पताल में दाखिल कराया गया. उन्हें अस्पताल के आईसीयू में रखा गया था.

करुणानिधि बीते दो सालों से राजनीति में सक्रिय नहीं थे. उनके बेटे और राजनीतिक वारिस एमके स्टालिन ने साल 2017 में डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर काम संभाला था.

विलाप करते करुणानिधि के समर्थक

इमेज स्रोत, Getty Images

साल 1969 में डीएमके के संस्थापक सीएन अन्नादुरै के निधन के बाद करुणानिधि पहली बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे.

उन्होंने क़रीब 50 तमिल फ़िल्मों में पटकथा और संवाद लेखक के तौर पर काम किया था.

करुणानिधि ने 27 जुलाई 1969 को डीएमके अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी संभाली थी. बीते शुक्रवार को उन्होंने इस पद पर 49 साल पूरे किए और बतौर अध्यक्ष 50वें साल के कार्यकाल की शुरुआत की.

छोड़िए Facebook पोस्ट

सामग्री् उपलब्ध नहीं है

सोशल नेटवर्क पर और देखिएबाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट Facebook समाप्त

करुणानिधि ने तीन शादियां कीं. उनकी पहली पत्नी पद्मावती का कम उम्र में निधन हो गया. इस शादी से उनके एक बेटे एमके मुथु हैं.

इसके बाद करुणानिधि ने दयालु अम्माल और रजति अम्माल से शादी की.

करुणानिधि लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय रहे

दयालु और करुणानिधि के बच्चे एमके अलागिरि, एमके स्टालिन, एमके तमिलारासू और बेटी सेल्वी हैं.

तीसरी शादी से उनकी इकलौती बेटी कनिमोझी हैं जो राज्यसभा सांसद भी हैं.

करुणानिधि ने कई किताबें भी लिखीं. इनमें उनकी आत्मकथा नेन्जुक्कू नीति (दिल के लिए इंसाफ) भी शामिल है. वो कुछ वक़्त के लिए पार्टी के मुखपत्र के संपादक भी रहे.

करुणानिधि ने आख़िरी विधानसभा चुनाव थिरुवरूर विधानसभा सीट से जीता था. साल 2016 के चुनाव में उन्होंने पूरे राज्य में सबसे ज़्यादा अंतर से जीत दर्ज़ की थी.

सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद करुणानिधि का घर से बाहर आना लगभग बंद ही हो गया था. तीन जून, 2018 को जब को 94 साल के हुए तो वो आख़िरी बार लोगों के सामने आए थे

ये भी पढ़ें-

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)