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डोभाल के कश्मीरियों से मिलने पर आज़ाद ने कहा, 'पैसे देकर किसी को भी साथ ले सकते हो'
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के भारत प्रशासित कश्मीर जाने और वहां स्थानीय लोगों से बातचीत करने और खाना खाने का मामला ख़ासी चर्चाएं बटोर रहा है.
इन्हीं चर्चाओं के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद का एक बयान आया है. उन्होंने अजीत डोभाल के कश्मीरी लोगों के साथ खाना खाने पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर कहा है, "पैसे देकर आप किसी को भी साथ ले सकते हो."
आज़ाद के इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन ने उनसे माफ़ी की मांग की है. शाहनवाज़ हुसैन ने कहा है कि ऐसे बयानों को ही भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान इस्तेमाल करता है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी करने की घोषणा से पहले जम्मू-कश्मीर में कर्फ़्यू लागू कर दिया गया था और साथ ही सारे टेलीफ़ोन लाइनें और इंटरनेट को प्रतिबंधित कर दिया गया है.
बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल दक्षिणी कश्मीर के शोपियां पहुंचे थे. यहां से उनका एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें वह स्थानीय लोगों से मिलते नज़र आ रहे हैं और उसके बादे उनके साथ खाना खाते नज़र आ रहे हैं.
क्या कहा था डोभाल ने
अजीत डोभाल का जो वीडियो सामने आया है. उसमें उनकी धीमी आवाज़ सुनाई दे रही है. वह कहते हैं, "ख़ुश रहिए. अल्लाह जो करता है अच्छे के लिए करता है. अच्छे लोगों की दुआ में ताक़त होती है. मैं भरोसा दिलाता हूं कि हम आपकी सुरक्षा के लिए सब कुछ करेंगे."
"आपके बच्चे और उनके बच्चे ख़ुशी से रह सकते हैं. वह अपने धर्म इस्लाम का पालन कर सकते हैं. वे एक अच्छे इंसान के तौर पर पलेंगे-बढ़ेंगे. इस तरह लगातार बंद रहना अच्छा नहीं है. हमें नया माहौल बनाना चाहिए."
ग़ुलाम नबी आज़ाद के बयान पर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. सत्यवादी नामक ट्विटर हैंडल लिखता है कि अगर डोभाल पैसे देकर कश्मीरियों को खड़े कर रहे हैं तो अनुच्छेद 370 का विरोध करने वाले पाकिस्तान से पैसे ले रहे हैं क्या?
द्विवेदीपीके नामक ट्विटर हैंडल लिखता है कि यह बयान सीधे-सीधे कश्मीर के लोगों का अपमान है.
वहीं, अजीत डोभाल के शोपियां आने पर जेएनयू छात्र संघ की पूर्व नेता और कार्यकर्ता शहला राशिद ने भी ट्वीट किया है.
उन्होंने लिखा है, "पूरे कश्मीर को क़ैद करने के बाद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बात करते हुए यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह आम लोगों की इच्छा की बात कर रहे हैं. यह बेहद शर्मनाक है कि कैसे भारत सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जगह एकतरफ़ा प्रोपेगैंडा चला रहा है."
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