राजस्थान: राज्यपाल ने गहलोत का विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव ठुकराया

राजस्थान

इमेज स्रोत, Getty Images

पढ़ने का समय: 2 मिनट

राजस्थान की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से चल रहा सत्ता संघर्ष फिलहाल थमता हुआ नहीं दिख रहा है. सोमवार के कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम ये हैं -

  • स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली
  • गवर्नर ने विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव खारिज किया
  • बीएसपी ने अपने छह विधायकों को व्हिप जारी किया

सोमवार को राजस्थान विधान सभा के स्पीकर सीपी जोशी ने राजस्थान उच्च न्यायालय के फ़ैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका वापस ले ली.

हाई कोर्ट ने सचिन पायलट समेट 19 विधायकों को अयोग्य ठहराने संबंधी स्पीकर के नोटिस से असहमति जताते हुए कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. स्पीकर ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती थी. पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह हाई कोर्ट के फ़ैसले पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया था.

उधर, सोमवार को राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा सत्र बुलाने के लिए गहलोत सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को वापस लौटा दिया है.

समाचार एजेंसी एएनआई का कहना है कि राज भवन कार्यालय ने राज्य सरकार से कुछ अतिरिक्त जानकारियां मांगी है और विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर फिलहाल कोई फ़ैसला नहीं किया गया है.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार बचाने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगाए हुए हैं.

गहलोत की रणनीति ये है कि विधानसभा का सत्र जल्द से जल्द बुलाकर सरकार पर मंडरा रहे ख़तरे को टाला जाए.

राजस्थान

इमेज स्रोत, Getty Images

सोमवार को ही बहुजन समाज पार्टी ने राजस्थान में संभावित शक्ति परीक्षण के मद्देनज़र अपने सभी छह विधायकों को व्हिप जारी कर गहलोत सरकार के ख़िलाफ़ वोट देने का निर्देश जारी कर दिया.

ख़ास बात यह है कि ये व्हिप बसपा के सभी छह विधायकों के कांग्रेस में मिल जाने के दस महीने बाद जारी किया गया है.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

हालांकि राज्य सभा चुनावों के दौरान भी बसपा ने निर्वाचन आयोग से संपर्क किया था कि इन विधायकों को बसपा का माना जाए लेकिन तब आयोग ने ये कहते हुए दख़ल देने से इनकार कर दिया था कि यह विषय विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आता है.

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 3

इस बीच बीजेपी की राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर कहा है कि राज्य में बसपा और कांग्रेस का कथित विलय असंवैधानिक है.

ये मसला हाई कोर्ट में लंबित है. उन्होंने कहा, "एक संविधानिक और क़ानूनी स्थिति पैदा हो गई है. या तो हाई कोर्ट को इस मसले पर फ़ैसला करना चाहिए या फिर राज्यपाल को दख़ल देना चाहिए."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)