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चीन ने भारत के कोरोना संकट का मज़ाक उड़ानेवाली पोस्ट पर ये कहा
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के एक सोशल मीडिया एकाउंट पर डाला गया एक पोस्ट चर्चा में है जिसमें भारत के कोरोना संकट का मज़ाक उड़ाया गया था. आलोचना और विवाद के बाद इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया है.
सोशल मीडिया साइट वीबो पर डाली गई इस पोस्ट में एक तस्वीर डाली गई थी जिसमें एक ओर चीन के रॉकेट को उड़ता दिखाया गया था और दूसरी ओर भारत में जलती चिताओं को दिखाया गया था.
तस्वीर के साथ लिखा था - "चीन में लगाई जा रही आग VS भारत में लगाई जा रही आग,"
इसमें चीन के नए अंतरिक्ष अभियान की तस्वीर डाली गई थी. चीन ने 29 अप्रैल को अपना स्थायी स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम बढ़ाते हुए स्टेशन का एक अहम मॉड्यूल अंतरिक्ष में रवाना किया था.
ये पोस्ट शनिवार दोपहर को डाली गई थी और अब इसे डिलीट कर दिया गया है. मगर इसके स्क्रीनशॉट शेयर किए जा रहे हैं.
बताया जा रहा है कि ये कोलाज तस्वीर चीन की एक सरकारी संस्था - कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीतिक और क़ानूनी मामलों के आयोग या सीपीएलए - से जुड़े एक एकाउंट से पोस्ट की गई थी.
सीपीएलए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का एक शक्तिशाली अंग है जो पुलिस अधिकारियों, सरकारी अभियोजकों और अदालत के काम पर नज़र रखती है.
चीन में काफ़ी पॉपुलर माइक्रोब्लॉगिंग साइट वीबो पर सीपीएलए के इस एकाउंट के लाखों फ़ॉलोअर हैं.
आपत्ति और चीन की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट के बाद बहुत सारे यूज़र्स ने आपत्ति जताई और कहा कि ये "अनुचित" है और चीन को "भारत के साथ सहानुभूति दिखानी चाहिए".
चीनी मीडिया समूह ग्लोबल टाइम्स के संपादक हु शिजिन ने लिखा : "इस समय मानवता की पताका को ऊँचा करना चाहिए, भारत के लिए हमदर्दी दिखाना चाहिए, और चीनी समाज को नैतिकता के ऊँचे मानदंडों पर स्थापित करना चाहिए."
वीबो पर विवादित पोस्ट से एक दिन पहले ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संदेश भेजा था जिसमें उन्होंने कोरोना संकट को लेकर भारत के साथ सहानुभूति जताई थी.
30 अप्रैल को चीनी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा था कि वो भारत के साथ सहयोग करना चाहते हैं और जो भी मदद चाहिए वो उपलब्ध कराना चाहते हैं.
महामारी और बीते साल के सीमा विवाद के बाद चीनी राष्ट्रपति का ये संदेश दोनों नेताओं के बीच ऐसा पहला संवाद था.
इसके बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी अपने समकक्ष एस जयशंकर को फ़ोन किया. वांग यी ने गुरुवार को जयशंकर को चीन की ओर से मदद की पेशकश करते हुए एक संदेश भेजा था.
चीनी राष्ट्रपति के संदेश के एक दिन बाद ही वीबो पर विवादास्पद पोस्ट डाले जाने की घटना को लेकर हैरानी जताई जा रही है.
भारत की सरकारी प्रसारण सेवा पर जारी एक ख़बर में कहा गया है कि चीनी विदेश मंत्रालय ने इस पोस्ट पर खुलकर कोई जवाब नहीं दिया.
बताया गया है कि चीनी विदेश मंत्रालय से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बस ये कहा कि वीबो के एकाउंट पर उन्हें ऐसी कोई पोस्ट नहीं दिखाई दी.
चीनी मंत्रालय ने साथ ही उम्मीद जताई कि भारत इसकी चर्चा के बदले चीन सरकार और चीन की मुख्यधारा के मत पर ध्यान देगा जिनमें महामारी से निबटने में भारत की मदद करने की बात कही गई है.
भारत सरकार ने इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
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