महात्मा गांधी को गाली देने वाले कालीचरण की गिरफ़्तारी पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा नाराज़ क्यों हैं?

कालीचरण

इमेज स्रोत, CG KHABAR/BBC

    • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
    • पदनाम, रायपुर से बीबीसी के लिए
  • पढ़ने का समय: 3 मिनट

महात्मा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज की गिरफ़्तारी को लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार में ठन गई है.

मध्य प्रदेश सरकार ने जहाँ इस पर आपत्ति जताई है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा है कि न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए. रायपुर के एसपी प्रशांत अग्रवाल के अनुसार, "बागेश्वर धाम के पास एक व्यक्ति के घर से तड़के चार बजे कालीचरण की गिरफ़्तारी की गई. उसने पास में एक लॉज भी बुक करा रखा था."

आरंभिक जाँच के बाद पुलिस ने कालीचरण महाराज के ख़िलाफ़ राजद्रोह की धाराएँ भी जोड़ दी हैं.

प्रशांत अग्रवाल के अनुसार पुलिस टीम कालीचरण को लेकर रायपुर के लिए रवाना हो गई है. उन्हें रायपुर की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा.

पुलिस के अनुसार कालीचरण महाराज की गिरफ़्तारी के लिए तीन टीमें अलग अलग राज्यों में भेजी गई थी. रायपुर 'धर्म संसद' का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अकोला के कालीचरण महाराज मंच पर महात्मा गांधी को गाली देते दिख रहे थे.

कालीचरण

इमेज स्रोत, ALOK PUTUL/BBC

नरोत्तम मिश्रा से सवाल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र को ये बताना चाहिए कि महात्मा गांधी को गाली देने वाले की गिरफ़्तारी से वे ख़ुश हैं या दुखी.

उन्होंने कहा कि किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है और छत्तीसगढ़ की पुलिस ने प्रक्रिया के तहत ही गिरफ़्तारी की है.

छत्तीसगढ़ पुलिस ने दावा किया है कि विधिक तरीक़े से हुई है कालीचरण की गिरफ़्तारी. उन्हें 24 घंटे के भीतर न्यायालय में पेश किया जाएगा.

इधर छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कालीचरण की रिहाई की मांग की है.

गुरुवार सुबह कालीचरण महाराज को छत्तीसगढ़ पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरफ़्तार किया था. अब मध्य प्रदेश की सरकार ने उनकी गिरफ़्तारी के तरीक़े पर आपत्ति जताई है और कहा है कि छत्तीसगढ़ की पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए थी.

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा कि ये अंतरराज्यीय प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए था.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमें छत्तीसगढ़ पुलिस के तरीक़े पर आपत्ति है. ये अंतरराज्यीय प्रोटोकॉल का उल्लंघन है. छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं करना चाहिए था. संघीय मर्यादाएँ इसकी बिल्कुल अनुमति नहीं देती हैं. उन्हें सूचना देनी चाहिए थी. छत्तीसगढ़ सरकार चाहती तो उनको नोटिस देकर भी बुला सकती थी."

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को कहा है कि वो तत्काल छत्तीसगढ़ के डीजीपी से बात करके अपना विरोध दर्ज कराएँ और स्पष्टीकरण भी लें. दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि न्याय में इतना विलंब नहीं होना चाहिए कि वो अन्याय लगने लगे.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

उन्होंने ट्वीट कर लिखा है- बापू को गाली देकर, समाज में विष वमन करके अगर किसी पाखंडी को लगता है कि वो अपने मंसूबों में कामयाब हो जाएंगे, तो उनका भ्रम है. उनके आका भी दोनों सुन लें. भारत और सनातन संस्कृति दोनों की आत्मा पर चोट करने की जो भी कोशिश करेगा, न संविधान उन्हें बख्शेगा, न जनता उन्हें स्वीकार करेगी.

पिछले दिनों छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित धर्म संसद में कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी को गाली दी थी जिसके बाद काफ़ी विवाद हुआ था.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि कालीचरण महाराज के परिवार और उनके वकील को गिरफ़्तारी की सूचना दे दी गई है. उन्हें 24 घंटे के अंदर अदालत में पेश किया जाएगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)