इन पांच चेहरों को आम आदमी पार्टी भेजेगी राज्यसभा

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आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा सदस्यों के लिए पांच नाम मैदान में उतारे हैं. इनमें आप नेता और पंजाब में पार्टी के सह प्रभारी राघव चड्ढा, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, आईआईटी दिल्ली के असिस्टेंट प्रोफेसर संदीप पाठक, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल और पंजाब के उद्योगपति संजीव अरोड़ा शामिल हैं.
पंजाब में राज्यसभा की 7 सीटें हैं. जिनमें से पांच सीटें 9 अप्रैल को खाली हो रही हैं. इन पांच सीटों पर प्रताप सिंह बाजवा, शमशेर सिंह ढुलो, सुखदेव सिंह ढींडसा, नरेश गुजराल और श्वेता मलिक का कार्यकाल समाप्त हो रहा है.
इसके अलावा दो सीटों पर बलविंदर सिंह भुंदर और अंबिका सोनी का कार्यकाल 4 जुलाई को पूरा हो रहा है. कार्यकाल पूरा होने के बाद इन दो सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का एलान होगा.
पंजाब की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन था. इन्हीं पांच सीटों के लिए आम आदमी पार्टी ने 5 उम्मीदवार तय किए हैं.
आइए जानते हैं राज्यसभा के लिए आम आदमी पार्टी की तरफ से घोषित उम्मीदवारों के बारे में.
राघव चड्ढा: चार्टर्ड अकाउंटेंट से राज्यसभा पहुंचने तक
33 साल के राघव चड्ढा ने अपनी मां के साथ राज्यसभा सीट के लिए नामांकन भरा. राघव दिल्ली के राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. राघव चड्ढा को 2022 पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी का सह प्रमुख बनाया गया था. पंजाब में आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत में इनका अहम योगदान रहा है.
राघव चड्ढा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और उसके बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट भी बने. इसके साथ वे आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं.
शुरुआती दिनों से ही राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल का साथ दिया है. साल 2013 में आम आदमी पार्टी की जो समिति चुनावी घोषणा पत्र का मसौदा तैयार कर रही थी, उसमें राघव चड्ढा भी मौजूद थे.
पंजाब चुनाव में राघव चड्ढा ने चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला हुआ था. उन्होंने चरणजीत चन्नी पर उनके निर्वाचन क्षेत्र चमकौर साहिब में अवैध बालू खनन करने के कई बार आरोप लगाए. राघव ने चन्नी को चुनावी मैदान में घेरने के लिए क्षेत्र के औचक दौरे भी किए और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने में लगे रहे.

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कौन हैं आईआईटी के प्रोफेसर संदीप पाठक
संदीप पाठक आईआईटी दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और कई सालों से आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं. आईआईटी दिल्ली की वेबसाइट के अनुसार, ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर संदीप पाठक ने 2011 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (यूके) से पीएचडी की थी.
रविवार को जब आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पार्टी के पंजाब विधायकों को संबोधित कर रहे थे, तो उन्होंने चुनाव में संदीप पाठक की भूमिका और काम की सराहना की थी. केजरीवाल ने संदीप पाठक को उनके योगदान के लिए धन्यवाद भी किया था.
संदीप पाठक ने अक्सर पर्दे के पीछे पार्टी के लिए काम किया है और अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं. संदीप पाठक ने आम आदमी पार्टी को पंजाब में बूथ लेवल पर मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है. संदीप पाठक ने काम के दौरान खुद को सोशल मीडिया से भी दूर रखा.
पंजाब को पांच जोन में बांटा गया था और एक व्यक्ति को एक जोन की जिम्मेदारी दी गई थी. संदीप पाठक ने हर जोन की बारीक समीक्षा की और किस उम्मीदवार को कहां उतारना चाहिए इसमें पार्टी की मदद की.
संदीप पाठक ने इससे पहले 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार किया था जिसमें पार्टी को बड़ी सफलता मिली थी.
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राजनीति की पिच पर उतरे हरभजन
3 जुलाई 1980 को जालंधर में जन्मे हरभजन सिंह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ा नाम हैं. क्रिकेट की दुनिया में उन्हें भज्जी और टर्बिनेटर के नाम से जाना जाता है. हरभजन सिंह ने भारत के लिए 103 टेस्ट और 236 वनडे खेले हैं.
हरभजन सिंह टी20 विश्व कप 2007 और 2011 में एकदिवसीय विश्व कप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे हैं. भारतीय टीम के स्टार स्पिनर हरभजन सिंह ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है.

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हरभजन सिंह इन दिनों टीवी चैनलों पर एक एक्सपर्ट के रूप में दिखाई देते हैं और अपनी मुखर टिप्पणियों के लिए भी जाने जाते हैं.
राज्यसभा के लिए नाम का एलान होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए हरभजन सिंह ने कहा,
''मेरा मुख्य उद्देश्य है कि भारत ओलंपिक में 2 नहीं 200 मेडल लेकर आए. मैं देश में स्पोर्ट्स को बढ़ाने के लिए काम करूंगा''.
अशोक मित्तल: मिठाई की दुकान से संसद तक
अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं. उनकी एलएलबी की पढ़ाई की है. अशोक मित्तल का नाम पंजाब के बड़े कारोबारियों में शुमार है.
अशोक मित्तल चार भाई हैं. उनके छोटे भाई अमन मित्तल ने बीबीसी संवाददाता पाल सिंह नौली को बताया कि उनके परिवार ने सबसे पहले जालंधर छावनी में लवली स्वीट्स नाम से एक दुकान शुरू की थी जो आज भी है.

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दुकान के बाद लवली इंस्टीट्यूट की स्थापना हुई और फिर कैप्टन अमरिंदर सिंह की पहली सरकार के दौरान इसे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी बनाया गया.
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी समेत कई देशों के नेता आते रहे हैं और कई देशों के छात्र यहां पढ़ाई कर रहे हैं.
विश्वविद्यालय अशोक मित्तल और अन्य की देखरेख में चलाया जाता है जो देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है.
कौन हैं संजीव अरोड़ा
संजीव अरोड़ा पंजाब के बड़े उद्योगपतियों में से एक हैं. वे कृष्णा प्राण ब्रेस्ट कैंसर चैरिटेबल ट्रस्ट भी चलाते हैं. उनके माता-पिता की मृत्यु कैंसर से हुई थी. इसके बाद ही उन्होंने इस ट्रस्ट की शुरुआत की थी.
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संजीव अरोड़ा पिछले 15 साल से पंजाब में समाज सेवा कर रहे हैं.
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