मनमोहन रखेंगे भारत का पक्ष

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को इटली रवाना हो रहे हैं जहां वह धनी देशों के संगठन जी-8 की बैठक में हिस्सा लेंगे.
रवाना होने से पहले जारी बयान में उन्होंने कहा, "मैं जी-8 और जी-5 की बैठक में हिस्सा लेने इटली जा रहा हूँ. वैश्विक आर्थिक संकट, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन पर भारत के रुख़ को मैं स्पष्ट करुंगा."
जी-5 में भारत, ब्राज़ील, चीन, मैक्सिको और दक्षिण अफ़्रीका शामिल हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इटली की अध्यक्षता में व्यापार और जलवायु परिवर्तन पर होने वाली चर्चाओं में भाग लेंगे. इटली में ही अफ़्रीकी देशों के सहयगो से खाद्य सुरक्षा पर भी चर्चा होगी जिसमें मनमोहन सिंह हिस्सा लेंगे.
प्रधानमंत्री ने कहा है, "वैश्विक वित्तीय और आर्थिक सुस्ती का भारत जैसे विकासशील देशों के विकास पर पड़ा है. यह समस्या हमारी देन नहीं है बल्कि हम इसका परिणाम भुगत रहे हैं."
उन्होंने कहा कि विकसित देशों में आर्थिक संकट के कारण भारत से निर्यात घटा है और पूंजीनिवेश में भी कमी आई है. मनमोहन सिंह ने कहा कि वहा अर्थव्यवस्था में तेज़ी लाने के लिए सभी देशों को मिल कर काम करने की ज़रूरत है.
मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई कि आगे चल कर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की कार्यप्रणाली सुधरेगी और विकसित देश की अर्थव्यवस्था में तेज़ी आएगी.
खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन को एक दूसरे से जुड़ा हुआ बताते हुए प्रधानमंत्री ने एकजुट होकर कोशिश करने की अपील की.
इस दौरे पर भारतीय प्रधानमंत्री इटली, अंगोला, जर्मनी और ब्रिटेन के नेताओं के साथ अलग-अलग बातचीत करेंगे.
































