हिंसा के बाद इंफाल में कर्फ़्यू

    • Author, सुबीर भौमिक
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, कोलकाता

कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ का विरोध कर रहे लोगों के उग्र प्रदर्शन और हिंसा के बाद मणिपुर की राजधानी इंफाल में मंगलवार की रात से अनिश्चित काल का कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

मणिपुर में सुरक्षा
इमेज कैप्शन, उत्तर पूर्वी राज्यों में सुरक्षा बलों को विशेष अधिकार मिले हुए हैं

युवाओं के संगठन अपुंबा लूप ने सोमवार से दो दिनों के बंद का आह्वान किया था लेकिन मंगलवार की शाम को जब बंद की अवधि समाप्त होनी थी, प्रदर्शन उग्र हो गया और छिटपुट हिंसा की घटनाएँ भी हुईं.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण कर चुके विद्रोही चोंगखाम संजीत को पुलिस ने फ़र्जी मुठभेड़ में मार दिया है.

संजीत को राज्य विधानसभा के पास गत 23 जुलाई को पुलिस कमांडो ने एक कथित मुठभेड़ में मारा था.

स्थानीय टेलीविज़न में दिखाया गया है कि उस दिन संजीत को घसीटकर एक मॉल में ले जाया गया था और फिर कुछ समय बाद उसके निर्जीव शरीर को बाहर लाया गया.

प्रदर्शनकारियों ने नारेबाज़ी करते हुए मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के इस्तीफ़े की मांग की.

उन्होंने कई जगह आग लगा दी और सरकारी वाहनों पर हमला किया.

स्थानीय संवाददाताओं का कहना है कि इंफाल में तनाव की स्थिति बनी हुई है.

पिछले कुछ सालों में मणिपुर में कई विवादास्पद मौते हुई हैं, जिसमें या तो आम नागरिक रहे हैं या फिर आत्मसमर्पण करने वाले विद्रोही.

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि मणिपुर में सुरक्षा बल क़ानून के तहत मिले विशेष अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं.