दाल, चीनी, आलू... के दाम आसमान पर

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि मॉनसून के दगा देने से ख़रीफ़ फ़सलों की बुआई बीस फ़ीसदी कम हुई है.
इसके बावजूद उन्होंने वित्त वर्ष 2009-10 के दौरान छह फ़ीसदी से ज़्यादा आर्थिक विकास दर रहने का भरोसा जताया.
मंगलवार को नई दिल्ली में आयकर अधिकारियों के सम्मेलन में कहा कि अभी तक देश के 161 ज़िले सूखाग्रस्त घोषित किए जा चुके हैं लेकिन चिंता की बात नहीं है.
वित्त मंत्री का कहना था कि सरकार के पास आपात योजना मौजूद है और खाद्यान्न की कमी नहीं होने दी जाएगी.
प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा से मिली ख़बरों के मुताबिक वहां धान की बुआई में कोई कमी नहीं आई है क्योंकि किसानों ने नहरों और अन्य जल स्रोतों का इस्तेमाल किया है.
कीमतों में वृद्धि
इस बीच उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय से जारी आँकड़ों के मुताबिक जून-जुलाई में खाद्यान्नों की कीमतें 32 फ़ीसदी बढ़ी है.
इस अवधि के दौरान खाने पीने की 14 जरूरी वस्तुओं के कीमतों के विश्लेषण के बाद यह बात सामने आई है.
जहां थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की दर अभी भी शून्य से नीचे है, वहीं उपभोक्ता सामानों की महंगाई दर लगभग दस फ़ीसदी है.
जून-जुलाई के दौरान दाल, चीनी, चाय, मूंगफली तेल और आलू की कीमतों में ज़ोरदार तेज़ी दर्ज की गई.
































