राजधानी एक्सप्रेस का ड्राइवर अगवा

- Author, सुबीर भौमिक
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, कोलकाता
उड़ीसा में झारग्राम स्टेशन के पास मंगलवार को दिल्ली से भुवनेश्वर जा रही राजधानी एक्सप्रेस के ड्राइवर को कुछ माओवादी समर्थक हथियारबंद लोगों ने अगवा कर लिया है.
भारत में सबसे तेज़ गति से चलनेवाली इन राजधानी गाड़ियों में से एक अब झारग्राम के पास बांसतला के जंगलवाले इलाके में खड़ी है और 300 से ज़्यादा यात्री इसमें फंसे हुए हैं.
पुलिस अधिकारी कुलदीप सिंह ने बीबीसी को बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी तादाद में पुलिसबल को रवाना कर दिया गया है पर इन पुलिसबलों को माओवादियों की ओर से गोलीबारी का सामना भी करना पड़ा है.
इस गोलीबारी में पुलिस दस्ते के एक चालक कमल दास घायल हो गए हैं. पुलिस मोर्चे से माओवादियों को पीछे ढकेलकर राजधानी एक्सप्रेस तक पहुँचने की कोशिश कर रही है.
हालांकि माओवादी नेता किशन जी ने इस अपहरण की ज़िम्मेदारी लेने से इनकार किया है लेकिन माओवादियों के सहयोगी माने जाने वाले एक संगठन ने इसकी ज़िम्मेदारी ली है.
इस संगठन के असित महतो ने कहा कि जब माओवादियों की ओर से बंद का आहवान किया गया है तो फिर ट्रेनों के चलने का क्या मतलब है. अगर ट्रेनें चलेंगी तो उन्हें किसी भी तरह से रोका जाएगा.
उन्होने यह भी कहा कि हज़ारों की तादाद में लोगों ने ईंट-पत्थर फेंककर रेलगाड़ियों को रोका है. हालांकि राजधानी के मसले में रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि किसी ने शार्ट सर्किट करके सिग्नल बदल दिया और ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी.
घटनाक्रम
ट्रेन जिस वक़्त झारग्राम स्टेशन के पास पहुँच रही थी और घने जंगलों वाले इलाके से गुज़र रही थी उसी वक़्त अचानक रेल सिग्नल लाल हो गया. ड्राइवर ने गाड़ी को रोका.
गाड़ी रुकते ही कुछ हथियारबंद लोगों ने ट्रेन के इंजन को घेर लिया. कपड़ों से मुंह ढके ये लोग इंजन पर चढ़ गए और इंजन से इन लोगों ने चालक आनंद राव को अगवा कर लिया.
फिलहाल बांसतला के पास सैकड़ों की तादाद में आदिवासियों ने ट्रेन को चारों ओर से घेर रखा है.
































