सांप्रदायिक हिंसा रोकने पर विधेयक

भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सांप्रदायिक हिंसा रोकने से संबंधित एक विधेयक को मंज़ूरी दे दी है. महत्वपूर्ण है कि बाबरी मस्जिद विध्वंस पर आई लिबरहान आयोग की रिपोर्ट पर संसद में कुछ ही दिन में बहस होनी है.
गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सांप्रदायिक हिंसा (रोकथाम, नियंत्रण और पीड़ितों के पुनर्वास) विधेयक 2009 को मंज़ूरी दे दी और संसद के इसी सत्र में इस विधेयक के संसद में पेश किए जाने की संभावना है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार जिस विधेयक को गुरुवार रात मंज़ूरी मिली है वह संप्रदायिक हिंसा (रोकथाम, नियंत्रण और पीड़ितों के पुनर्वास) विधेयक 2005 का संशोधित रूप है. हालाँकि इस विधेयक को राज्यसभा से अभी वापस लिया जाना है.
केंद्रीय सुरक्षाबल भेजने का प्रावधान
समाचार एजेंसियों का कहना है कि संशोधित नए विधेयक में केंद्र सरकार के सांप्रदायिक हिंसा वाले या संवादेनशील क्षेत्र में केंद्रीय सुरक्षाबलों के भेजने का प्रावधान है.
ग़ौरतलब है कि लगभग एक सप्ताह पहले सरकार ने बाबरी मस्जिद विध्वंस पर लिबरहान आयोग की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी थी.
इस रिपोर्ट में ये सिफ़ारिश की गई थी कि जल्द से जल्द ऐसा क़ानून बनाया जाए जिससे सांप्रदायिक हिंसा की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके.
बाबरी मस्जिद विध्वंस पर आई रिपोर्ट पर संसद में काफ़ी हंगामा हुआ था क्योंकि ये रिपोर्ट संसद में पेश होने से पहले ही मीडिया ने सार्वजनिक कर दी थी.
इस मामले में पहले एक दिसंबर को संसद में बहस होनी थी जिसे स्थगित कर 9-10 दिसंबर को कराने का फ़ैसला लिया गया था. माना जा रहा है कि अब ये बहस इससे कुछ दिन पहले हो सकती है.
































