मुठभेड़ खत्म, दो चरमपंथी मरे

लालचौक का इलाका काफ़ी भीड़भाड़ वाला है और सुरक्षाबलों को एहतियात बरतना पड़ रहा है.
इमेज कैप्शन, लालचौक का इलाका काफ़ी भीड़भाड़ वाला है और सुरक्षाबलों को एहतियात बरतना पड़ रहा है.

भारत प्रशासित कश्मीर के श्रीनगर में सुरक्षाकर्मियों और होटल में छिपे चरमपंथियों के बीच 22 घंटो तक चली मुठभेड़ बृहस्पतिवार को खत्म हो गई है.

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोड़ा ने बताया कि मुठभेड़ में दो चरमपंथी मारे गए हैं.

उनका कहना है कि मारे गए दोनों चरमपंथी लश्कर ए तैबा के सदस्य थे.

बुधवार दोपहर से चल रही इस मुठभेड़ मं एक सुरक्षाकर्मी और एक आम नागरिक की भी मौत हो गई और आठ लोग घायल हैं जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है.

चरमपंथी लालचौक के भीड़भाड़ वाले इलाके के एक होटल के अंदर से गोली चला रहे थे और उनपर काबू पाने में पुलिस को काफ़ी वक्त लगा.

इस समय उस होटल में आग लगी हुई है और आग बुझानेवाली गाड़ियां आग पर काबू पाने में लगी हुई हैं.

पुलिस ने बताया कि आग चरमंथियों ने ही लगाई थी.

सुरक्षाबलों ने बुधवार रात लगभग ग्यारह बजे गोलीबारी रोक दी थी लेकिन बृहस्पतिवार सुबह साढ़े छह बजे कार्रवाई फिर शुरू हो गई.

इस कार्रवाई में सेना की मदद नहीं ली गई और मोर्चा पुलिस और सीआरपीएफ़ ने ही संभाला.

मुश्किलें

अधिकारियों का कहना है कि मुश्किलें इसलिए आईं क्योंकि दुकानें काफ़ी आसपास बनी हुई हैं और इसलिए इस होटल में कोई धमाका करना भी संभव नहीं था.

होटल में लगभग 60-70 कमरे हैं और इससे चरमपंथियों को छिपने में काफ़ी मदद मिली.

लगभग दो सालों में श्रीनगर में पहली बार हुए इस हमले में चरमपंथियों ने गोलीबारी की है और हथगोले भी फेंके हैं.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार चरमपंथियों ने बुधवार को दोपहर सबसे पहले सीआरपीएफ़ की एक चौकी पर हमला किया.

पिछले दो सालों में श्रीनगर में हिंसा की घटनाएं कम हुई थीं.
इमेज कैप्शन, पिछले दो सालों में श्रीनगर में हिंसा की घटनाएं कम हुई थीं.

उन्होंने गोलीबारी की और ग्रैनेड लॉन्चर से भी हमला किया.

हमला शुरु होने के बाद लालचौक इलाक़े में अफ़रातफ़री मच गई.

देर शाम तक कई दुकानें खुली हुई थीं और वाहन यहाँ वहाँ खड़े हुए थे क्योंकि लोग उन्हें छोड़कर चले गए थे.

यह हमला मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के उस बयान के बाद हुआ है जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर में अमन बरक़रार है.