'माया की माला की जाँच हो'

एक जनसभा में नोटों की माला पहनने के लिए उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, कई राजनीतिक दलों ने माला बनाने के लिए नोट कहाँ से आए इसकी जाँच कराने की माँग की है.
संसद के भीतर और बाहर, इस मामले पर जमकर हंगामा हुआ, काँग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की ओर से सीबीआई जाँच की माँग उठी है.
लखनऊ में चार लाख लोगों की मौजूदगी में मंच पर एक हज़ार रुपए के नोटों की बड़ी सी दक्षिण भारतीय शैली की माला पहनने वाली मायावती को 'दलित की नहीं, दौलत की बेटी' कहते हुए कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि "केंद्र सरकार को इस मामले की जाँच करानी चाहिए."
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मायावती पर सत्ता का दुरुपयोग करके बड़ी सभाएँ करने का आरोप लगाते हुए जाँच की माँग की.
उन्होंने कहा, "राज्य में सत्ता और सरकारी संसाधनों हरसंभव तरीक़े से दुरुपयोग हो रहा है और केंद्र सरकार को इसे रोकने के लिए तत्काल क़दम उठाना चाहिए."
इस मामले पर संसद में इतना हंगमा हुआ कि संसद की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः लोकसभा का सत्रावसान घोषित कर दिया गया, लोकसभा का अगला सत्र 12 अप्रैल से शुरू होगा.
इस बार बजट सत्र की सबसे मुख्य बात रही कि राज्यसभा ने भारी हंगामे के बाद महिला आरक्षण विधेयक पारित कर दिया.
22 फ़रवरी से शुरू हुए सत्र में महँगाई के मुद्दे पर भी इस सत्र में भारी हंगामा रहा और अनेक बार संसद की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.
































