रेलवे के विज्ञापन पर विवाद

भारतीय रेलवे के एक विज्ञापन को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है जिसमें दिल्ली को भारतीय सीमा से बाहर प्रदर्शित किया गया है.
पूरा मामला एक विशेष ट्रेन के रास्ते को भारत के मानचित्र की पृष्ठभूमि में दिखाने से जुड़ा हुआ है जो पूर्व रेलवे के एक विज्ञापन का हिस्सा है.
यह विज्ञापन पर्यटकों के लिए एक विशेष ट्रेन महाराजा एक्सप्रेस के शुभारंभ के मौक़े पर शनिवार को प्रकाशित हुआ है.
इसमें महाराजा एक्सप्रेस के रूट को दिखाया गया है कि यह कोलकाता से दिल्ली तक का सफ़र गया, वाराणसी, बांधवगढ़, खजुराहो, आगरा और ग्वालियर होकर तय करेगी.
विज्ञापन के एक छोटे से हिस्से में भारत का मानचित्र है जिसमें दिल्ली तो सीमा पार पाकिस्तान की तरफ़ है, जबकि कोलकाता और गया को नक़्शे से बाहर बंगाल की खाड़ी की तरफ़ दिखाया गया है. नक्शे पर बाक़ी स्थानों का भी सही चित्रण नहीं है.
विवाद और सफ़ाई

मीडिया में विज्ञापन की चर्चा होने के बाद पूर्व रेलवे ने तुरंत इस पर खेद जता दिया है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी समीर गोस्वामी ने कहा, "ये एक बड़ी भूल है. हम इसके लिए हम क्षमा चाहते हैं."
गोस्वामी ने कहा कि इसके लिए ज़िम्मेवार विज्ञापन एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट निलंबित कर दिया गया है.
हालाँकि विज्ञापन एजेंसी ने स्पष्टीकरण में कहा है कि यात्रियों को विशेष ट्रेन का रूट दिखाने के लिए ये कलाकार की एक परिकल्पना थी जिसे सही पैमाने पर प्रदर्शित नहीं किया गया था.
उल्लेखनीय है कि विज्ञापन में छपे मानचित्र में भारत की सीमाओं को बिल्कुल सही प्रदर्शित किया गया है.
ये भी सच है कि मानचित्र पूरे विज्ञापन के एक छोटे हिस्से में है और इतने छोटे आकार के मानचित्र पर आठ स्टेशनों के साथ वास्तविक रूट साफ़-साफ़ दिखाना शायद आसान नहीं होता.
































