मोदी की पेशी पर सस्पेंस बरकरार

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को दंगों की जाँच कर रहे विशेष जाँच दल ने रविवार को पेश होने को कहा है.
लेकिन अभी तक ये सवाल बना हुआ है कि नरेंद्र मोदी एसआईटी के सामने पेश होंगे या नहीं.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के एसआईटी के सामने पेश होने की कम संभावना है.
गुजरात दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसाइटी में हुई हिंसा में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफ़री मारे गए थे. उनकी पत्नी जकिया जाफ़री की शिकायत पर मुख्यमंत्री मोदी को समन जारी हुआ है.
लेकिन शनिवार शाम तक एसआईटी को इस समन के बारे में मुख्यमंत्री मोदी की ओर से कोई संदेश नहीं मिला है.
एसआईटी के प्रमुख आरके राघवन ने पीटीआई को बताया कि उन्हें अभी तक मुख्यमंत्री मोदी का कोई जवाब नहीं मिला है.
पिछले साल 27 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को निर्देश दिया था कि वह जकिया जाफ़री की शिकायत की जाँच करें.
आरोप
जकिया जाफ़री ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री मोदी और 62 अन्य लोगों ने गुजरात में हुई हिंसा में सहायता की और उसे बढ़ावा दिया. गुजरात दंगों में एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

गुजरात दंगों के दौरान फरवरी 2002 में गुलबर्ग सोसाइटी पर भी हमला हुआ था, जिसमें एहसान जाफ़री समेत 70 लोग मारे गए थे.
गुजरात में वर्ष 2002 में हुए दंगों में एक हज़ार से अधिक लोग मारे गए थे और इनमें अधिकतर मुसलमान थे.
ये दंगे गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगने के कारण 59 हिंदुओं के मारे जाने के बाद भड़के थे.
वर्ष 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि एसआईटी का गठन किया था और कहा था कि टीम तीन महीने के अंदर शिकायत की जाँच कर के अपनी रिपोर्ट दे.
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा था कि एसआईटी जब चाहे मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल-जवाब कर सकता है.












