जाति आधारित जनगणना पर आश्वासन

मनमोहन सिंह
इमेज कैप्शन, जाति आधारित जनगणना पर मनमोहन सिंह के मंत्रियों की भी राय एक जैसी नहीं है

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि जाति आधारित जनगणना के मसले पर मंत्रिमंडल जल्दी ही फ़ैसला ले लेगा.

शुक्रवार को लोकसभा में उन्होंने कहा, "गृहमंत्री ने 2011 की जनगणना पर विस्तृत बयान दिया है. मैं सदन के माननीय सदस्यों की भावनाओं से अवगत हूँ. मैं आपको आश्लासन देता हूँ कि मंत्रिमंडल इस बारे में जल्दी ही फ़ैसला लेगा."

प्रधानमंत्री के इस आश्वासन को सकारात्मक संकेत मानते हुए सदन के सभी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री को उनकी भावनाओं को ध्यान में रखने के लिए धन्यवाद दिया.

उल्लेखनीय है कि जाति आधारित जनगणना को लेकर संसद में चली बहस से साफ़ हो गया था कि इस विषय पर अधिकांश दल जाति आधारित जनगणना के पक्ष में हैं.

हालांकि इस मामले में सरकार और सत्तारूढ़ यूपीए सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस के भीतर मतभेद हैं.

भारत में 1931 में आख़िरी बार जाति के आधार पर जनगणना हुई थी.

हंगामा

इससे पहले जब गृहमंत्री ने जनगणना पर हुई बहस का जवाब दिया तो लोकसभा में हंगामा हो गया था.

गृहमंत्री पी चिदंबरम ने अपने जवाब में जाति आधारित जनगणना की संभावनाओं को ख़ारिज कर दिया था.

उनका कहना था कि जनगणना का उद्देश्य लोगों की गणना करना है और इसमें जाति का प्रावधान करने से जनगणना की प्रक्रिया जटिल हो जाएगी.

इससे पहले जब जाति आधारित जनगणना पर बहस हो रही थी तो समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल यूनाइटेड सहित कई दलों ने जाति आधारित जनगणना पर ज़ोर दिया था.

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने भी इसका समर्थन किया था.