अवैध खनन के मामले में खींचतान

अवैध खनन और भ्रष्ट मंत्रियों के मामले को लेकर कर्नाटक की राजनीति गरमाती जा रही है और इस मामले में राजनीतिक खींचतान अब दिल्ली तक आ पहुँची है.
एक ओर कर्नाटक के राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री बीएल येदुरप्पा से कहा है कि वे भ्रष्ट मंत्रियों को पद से हटाएँ और अवैध खनन के मामले की सीबीआई से जाँच करवाएँ.
मुख्यमंत्री येदुरप्पा ने सीबीआई जाँच से इनकार कर दिया है.
लेकिन दिल्ली में इस बयान से नाराज़ भाजपा ने राज्यपाल भारद्वाज पर कांग्रेस का एजेंट होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वे संवैधानिक सीमाएँ लाँघ रहे हैं.
दूसरी ओर कर्नाटक में लगातार दूसरे दिन अवैध खनन के मामले में दोनों सदनों की कार्रवाई नहीं चल सकी.
बयानबाज़ी
पूर्व क़ानून मंत्री और राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने मंगलवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाक़ात की.

इसके बाद पत्रकारों से हुई बातचीत में उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री येदुरप्पा से कहा है कि वे दो मंत्रियों को हटाएं.
उन्होंने कहा, "क्या ऐसा हो सकता है कि मंत्री इस तरह के भ्रष्ट कार्यों में लिप्त रहें. क्या वे मंत्री रहते हुए अवैध खनन करके लाभ कमाते रह सकते हैं, यह तो पद की गरिमा का सवाल है."
इस पूरे मामले की सीबीआई जाँच का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा है कि वे बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री से मिलेंगे.
हालांकि राज्यपाल ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन कर्नाटक में खनिज उद्योग से जुड़े पर्यटन मंत्री जी जनार्दन रेड्डी और राजस्व मंत्री जी करुणाकर रेड्डी ने धमकी दी है उनके ख़िलाफ़ टिप्पणी के लिए वे राज्यपाल के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करेंगे.
ये रेड्डी बंधु वही हैं जिन्होंने पिछले साल येदुरप्पा सरकार के ख़िलाफ़ बग़ावत शुरु कर दी थी और भाजपा के केंद्रीय नेताओं को हस्तक्षेप करके मामले को सुलझाना पड़ा था.
कहा जाता है कि येदुरप्पा ने अवैध खनिज उत्पादन के मामले में कार्रवाई करने की कोशिश की थी.
इन्हीं रेड्डी बंधुओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई न होने से नाराज़ प्रदेश के लोकायुक्त ने इस्तीफ़ा दे दिया था जिसे किसी तरह मनाकर वापस दिलवाया गया है.
राज्यपाल के इस बयान के बाद नाराज़ भाजपा ने कहा है कि राज्यपाल को संवैधानिक सीमा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए.
भाजपा के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है, "हम चेतावनी देना चाहते हैं कि राज्यपाल अपने कार्यालय की सीमाओं को पहचानें और उसका सम्मान करें वरना हम क़दम उठाने के लिए बाध्य होंगे."
विधानसभा ठप्प
उधर राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस और जनता दल सेक्यूलर के विधायक लगातार दुसरे दिन धरना देते रहे और दोनों सदनों की कार्रवाई नहीं चलने दी.
सोमवार की रात तो इन विधायकों ने विधानसभा में ही गुज़ार दी.
इसके बाद मंगलवार को विधानसभा के दोनों सदनों में अवैध खनन के मामले की जाँच को लेकर जमकर हंगामा किया.
मुख्यमंत्री येदुरप्पा ने सीबीआई जाँच की मांग को ठुकरा दिया लेकिन कहा कि वे इस मामले की जाँच लोकायुक्त से करवाने को तैयार हैं.
इस बीच केंद्रीय क़ानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा है कि यदि मुख्यमंत्री येदुरप्पा को रेड्डी बंधुओं से कोई ख़तरा महसूस नहीं करते तो उन्हें सीबीआई जाँच के आदेश देने चाहिए क्योंकि यह मामला एक से अधिक प्रदेशों का है.
जबकि कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने आरोप लगाए हैं कि भाजपा रेड्डी बंधुओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करेगी क्योंकि उनके संबंध शीर्ष भाजपा नेताओं से है.
































