रेलगाड़ियों के मलबे से 60 शव निकाले गए

ट्रेन दुर्घटना का नक़्शा
इमेज कैप्शन, पहली नज़र में इस दुर्घटना का कारण ग़लत सिग्नल दिया जाना बताया जा रहा है.
    • Author, सुबीर भौमिक
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, कोलकाता से

पश्चिम बंगाल के वीरभूम ज़िले में हुई ट्रेन दुर्घटना में अब तक 60 शव निकाले जा चुके हैं. घटना में कई लोग घायल हुए हैं.

अस्पतालों में कई लोगों को भर्ती किया गया है जिसमें से 70 की हालत अत्यंत गंभीर बताई जाती है.

रेल मंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल के लिए रवाना हो गई हैं. रेल अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.

यह घटना उस समय हुई जब भागलपुर रांची वनांचल एक्सप्रेस सेंथिया स्टेशन पर खड़ी थी जब उत्तरबंगा एक्सप्रेस ने पीछे से उसमें टक्कर मारी.

टक्कर से ट्रेन के तीन डब्बे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं और एक डब्बा तो स्टेशन के ओवरब्रिज तक जा पहुंचा है.

<link type="page"><caption> मुझे कई शंकाएं हैं: ममता बनर्जी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2010/07/100719_mamta_doubt_skj.shtml" platform="highweb"/></link>

ट्रेन का जो डब्बा ओबरब्रिज तक पहुंच गया उसमें सबसे अधिक लोगों की मौत हुई है.

वीरभूम ज़िले के ज़िला मजिस्ट्रेट सौमित्र मोहन ने बीबीसी को बताया कि अबतक 52 शव बरामद किए गए हैं लेकिन संख्या बढ़ सकती है. कई घायलों की हालत गंभीर है.

सौमित्र मोहन का कहना था, ''राहत एवं बचाव कार्य लगभग पूरा हो गया है. अब सिर्फ़ कुछ शव बाकी हो सकते हैं. अब पूरा ध्यान घायलों के इलाज पर है.''

उनका कहना था कि जो तीन डब्बे क्षतिग्रस्त हुए हैं उनमें गार्ड का डब्बा भी शामिल है.

उन्होंने बताया कि राहत कार्य सुबह लगभग तीन बजे शुरू हुआ है.

ये स्टेशन हावड़ा से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी पर है.

अभी तक घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन पहली नज़र में मामला गलत सिग्नल देने का बताया जाता है.

क़रीब ग्यारह साल पहले बंगाल के ही गायसाल स्टेशन पर दो ट्रेनों के टकराने की घटना हुई थी.

कुछ ही दिनों पहले पश्चिम बंगाल के ही मिदनापुर ज़िले में ट्रेन के पटरी से उतर जाने के बाद भीषण दुर्घटना हुई थी जिसमें 100 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

उस दुर्घटना के लिए नक्सलियों का हाथ माना गया था.