बिहार में विपक्ष के 67 विधायक निलंबित

- Author, मणिकांत ठाकुर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना
बिहार विधानसभा में सदन के भीतर नारेबाज़ी करते हुए धरना दे रहे विपक्ष के 67 सदस्यों को मार्शल की मदद से बाहर निकालने के बाद पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है.
मार्शल जब विधायकों को सदन से बाहर निकाल रहे थे तो विपक्ष के किसी विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष की ओर अपनी चप्पल भी फेंकी.
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने सदन में अव्यवस्था फैलाने के करने के आरोप में विपक्ष के 16 विधायकों को शेष सत्र के लिए निलंबित करने का फ़ैसला सुनाया था.
इस बीच बिहार विधान परिषद की एक कांग्रेस सदस्य ने नाराज़गी में विधानसभा परिसर में तोड़फोड़ की.
सदन से बाहर निकाले गए विधायक विधानसभा परिसर में एकत्रित हो गए और वहाँ अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया.
नीतीश कुमार पर शासकीय खजाने में अनियमितता के आरोप लगाते हुए विपक्षी विधायक उनसे इस्तीफ़ा मांग रहे हैं.
अपनी इसी मांग को लेकर उन्होंने मंगलवार को सदन की कार्यवाही में बाधा डाली. इसके बाद वहाँ सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने तोड़फोड़ की थी.
नारेबाज़ी
विपक्ष के विधायक बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरु होते ही अध्यक्ष की कुर्सी के पास जा पहुँचे.

ये विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का इस्तीफ़ा मांगते हुए नारे लगा रहे थे, 'खज़ाना चोर-गद्दी छोड़'.
इस बीच विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने मंगलवार को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने और तोड़फोड़ के आरोप में 16 विपक्षी विधायकों को निलंबित करने की घोषणा की.
लगातार नारेबाज़ी कर रहे विधायकों को सदन की कार्यवाही में बाधा पहुँचाने से रोकने के लिए अध्यक्ष ने मार्शल को विधायकों को बाहर निकालने के आदेश दे दिए.
इन विधायकों को मार्शल ने बाहर निकाल दिया.
इस कार्रवाई के बीच, कल की तोड़फोड़ में घायल हुए विधायक शिवसंत पासवान बेहोश भी हो गए.
मार्शल से बाहर निकालने का आदेश दिए जाने के बाद ही विधायक नीतीश कुमार और सुशील मोदी के अलावा विधानसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ भी नारे लगाने लगे.
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ तानाशाही का आरोप लगाया.
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने बुधवार को धरना दे रहे विपक्ष के सभी 67 विधायकों को पूरे सत्र के लिए निलंबित करने का फ़ैसला दिया है.
तोड़फोड़

दूसरी ओर विधानसभा से लगे विधान परिषद की एक कांग्रेस सदस्य ज्योति कुमार ने अचानक ही विधानसभा परिसर में गमले तोड़ने शुरु कर दिए.
उन्होंने परिसर में रखे बहुत से गमले उठा-उठाकर तोड़ दिए. उनका आरोप था कि महिला सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पीटा और उनके साथ दुर्व्यवहार किया है.
वे इतने आवेश में थीं कि तोड़फोड़ करते-करते वे बेहोश भी हो गईं. इसके बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया.
इस बीच सदन से निकाले गए विधायक भी परिसर में एकत्रित थे.
इन सब की वजह से विधानसभा परिसर में अफ़रातफ़री का माहौल बन गया.
































