'फ़ैसले का क्रियान्वयन केंद्र की ज़िम्मेदारी'

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की है.
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने गुरुवार को अयोध्या के विवादित स्थल के मालिकाना हक को लेकर दिए अपने फ़ैसले में इस जगह को राम जन्मभूमि करार दिया.
प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
अदालत का फ़ैसला आने के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने कहा कि इस्माइल फारूकी की याचिका के पर फैसला सुनाते हुए अयोध्या में केंद्र सरकार के ज़मीन अधीग्रहण के क़दम को सही ठहराया था.
उन्होंने कहा कि चूँकि विवादित जगह केंद्र सरकार के कब्जे में हैं इसलिए वहाँ पर हाई कोर्ट कोर्ट के फ़ैसले के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की है.
मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह फैसले के क्रियान्वयन के लिए तत्काल कार्रवाई करे. अगर उसकी देरी से प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था ख़राब होती है तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी.
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट का फ़ैसला आने के बाद हमने इसके क्रियान्वयन के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक पत्र लिखा है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में इस्माइल फारूकी की याचिका पर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का हवाला दिया है.
प्रदेश के जनता से सांप्रदायिक सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मायावती ने कहा कि सरकार हर क़ीमत पर अमन-चैन कायम रखेगी.
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट का फैसला कोई अंतिम फ़ैसला नहीं है और इससे असंतुष्ट पक्ष इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कर सकते हैं.
































