येदुरप्पा फिर हासिल करेंगे विश्वास मत

येदुरप्पा
इमेज कैप्शन, येदुरप्पा का दावा है कि ये दूसरा विश्वास मत भी उनके पक्ष में होगा.

कर्नाटक की येदुरप्पा सरकार चार दिनों में दूसरी बार विधानसभा में 14 अक्टूबर को विश्वास मत हासिल करेगी.

11 अक्टूबर को हुए मतदान को राज्य के राज्यपाल ने मानने से मना कर दिया था, जिसकी वजह से राज्य सरकार को ये मत फिर हासिल करने पड़ रहे हैं.

राज्यपाल की माँग पर मुख्यमंत्री येदुरप्पा दोबारा विश्वास मत हासिल करने को तैयार हो गए और उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की है कि वो ये विश्वास मत भी जीतेंगे.

भाजपा और राज्यपाल के बीच टकराव की मुख्य वजह यह थी कि राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया था कि वो 11 बाग़ी भाजपा विधायकों और पाँच सरकार विरोधी निर्दलीय विधायकों को अयोग्य घोषित करने की कोशिश ना करें.

बहरहाल विधानसभा अध्यक्ष ने उनका सुझाव ठुकरा कर मतदान करवाया था.

कर्नाटक हाई कोर्ट
इमेज कैप्शन, कर्नाटक हाई कोर्ट के फ़ैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं.

इस बीच दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कर्नाटक के मसले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री पी. चिदंबरम से मुलाक़ात कर कहा है कि राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को वापस बुलाया जाए क्योंकि वो राज्य सरकार के कामकाज में सीधा दख़ल दे रहे हैं और वो ग़ैर संवैधानिक तरीके से काम करते रहे हैं.

11 अक्टूबर के मतदान के बाद निर्दलीय विधायकों ने बंगलौर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा कर अपील की थी कि 14 अक्टूबर को होने वाले विश्वासमत में उन्हें भाग लेने दिया जाए.

हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम फ़ैसले में उनकी याचिका तो ख़ारिज कर दी मगर यह भी कहा कि 14 अक्टूबर को होने वाला विश्वासमत निर्णायक नहीं होगा बल्कि वो अदालत के 18 अक्तूबर को आने वाले फ़ैसले पर निर्भर होगा.

अगर बंगलौर हाई कोर्ट विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 11 बाग़ी भाजपा विधायकों और पांच निर्दलीय विधायकों को दल-बदल क़ानून के तहत अयोग्य क़रार देने के फ़ैसले को ग़लत ठहराती है तो फिर तीसरी बार विश्वासमत कराने की ज़रूरत पड़ सकती है.