थम गया पांचवे चरण का चुनाव प्रचार

मंगलवार को जिन 35 विधानसभा क्षेत्रों में मत डाले जाएँगे उन पर चुनाव प्रचार रविवार शाम पाँच बजे ख़त्म हो गया.
राज्य की कुल 243 विधानसभा सीटों के लिए छह चरणों में चुनाव हो रहे हैं.
मतदान का ये पांचवा चरण है जिसमें पटना ज़िले की चार, भोजपुर की सात, जहाँनाबाद ज़िले की तीन, अरवल और शेख़पुरा की दो-दो, गया और नवादा में पाँच-पाँच और नालंदा की सात सीटों के लिए वोट डाले जाएँगे.
मध्य बिहार के इन क्षेत्रों में मुक़ाबला मुख्य रूप से जनता दल यूनाइटेड-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन और राष्ट्रीय जनता दल-लोक जनशक्ति पार्टी गठबंधन के बीच है.
कहीं-कहीं कांग्रेस इस मुक़ाबले को तिकोना बना रही है.
चुनाव प्रचार
इनमे से कुछ क्षेत्रों के प्रचार अभियान में भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी और कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी ने भी हिस्सा लिया.
हालांकि नेतागणों ने प्रचार के बीच लगभग उन्हीं बातों को दुहराया जो वह पिछले चरण की सीटों पर कहते रहे थे.
मुख्य मंत्री नीतीश कुमार की कोशिश रही लोगों को उनके कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों को याद दिलाने की तो कांग्रेस उन पर केन्द्र सरकार से मिले पैसों को पूरी तरह इस्तेमाल न कर पाने की अपनी बात दुहराती रही.
लालू-पासवान वोटरों को कहते रहे कि यह चुनाव नीतीश सरकार का अंत है.
कड़ी सुरक्षा
मध्य और दक्षिण बिहार के ये क्षेत्र चूँकि नक्सली हिंसा से प्रभावित हैं इसीलिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं और अधिकांश बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है.
चुनाव आयोग ने कुछ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान को तयशुदा समय से पहले ख़त्म करवाने का फ़ैसला किया है.
गया के अतरी में अब पांच बजे के बदले तीन बजे तक ही मतदान होगा जबकि बेलागंज, वजीरगंज और हिलसा में पांच बजे के बदले चार बजे तक ही वोट डाले जा सकेंगें.
आख़िरी और छठे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा.
इस दौर में 26 सीटों के लिए मतदान किए जाएँगे.
वोटों की गिनती के लिए 24 नवम्बर का समय तय किया गया है.
































