आंध्र में कांग्रेस की मुश्किलें

कभी कांग्रेस के सबसे सुरक्षित गढ़ समझे जाने वाले राज्य आंध्र प्रदेश में पार्टी को अब एक साथ दो मोर्चों पर लड़ना पड़ रहा है.
एक ओर बागी नेता और पूर्व सांसद वाई एस जगनमोहन रेड्डी की 48 घंटे की भूख हड़ताल जारी है. इससे जनता और खुद कांग्रेस के 20 विधायकों के समर्थन से पार्टी के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, तो दूसरी ओर विपक्ष के नेता और तेलुगू देसम के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की बिगड़ती हुई हालत भी सरकार के लिए एक बड़ी परेशानी का कारण बन गई है.
गौरतलब है कि पिछले छह दिनों से नायडू आमरण अनशन पर हैं.
बाढ़ से प्रभावित किसानों की अतिरिक्त सहायता की मांग को लेकर नायडू ने कुछ भी खाने, पीने और दवा लेने से इंकार कर दिया है.
निजाम्स अस्पताल में जहाँ नायडू को रखा गया है डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि 60 वर्षीय नायडू की हालत नाज़ुक हो रही है क्योंकि उनके रक्त में एलेक्ट्रोलैट्स का संतुलन बिगड़ रहा है.
अस्पताल के निदेशक पी वी रमेश ने कहा, “अगर नायडू को कुछ होता है तो सबसे पहले उनका ह्रदय प्रभावित होगा.”
डॉक्टरों ने नायडू के परिवार से भी अनुरोध क्या है कि वो नायडू को मनाने की कोशिश करें लेकिन नायडू ने अपनी पत्नी भुवनेश्वरी और पुत्र लोकेश की भी बात सुनने से इंकार कर दिया है.

उन्होंने कहा है कि जब तक सरकार किसानों की सहायता के लिए नए पैकेज की घोषणा नहीं करती वो अपना कदम वापस नहीं लेंगे.
तेलुगू देसम और उस के मित्र दलों ने नायडू की मांग के समर्थन में बुधवार को राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर चक्का जाम का आह्वान किया है.
जगन को जन समर्थन
इधर विजयवाड़ा में वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने अपना 48 घंटों का व्रत आज भी जारी रखा और दूसरे दिन भी उन्हें ज़बरदस्त जन समर्थन प्राप्त हुआ.
कृष्ण नदी के किनारे उनके शिविर पर लाखों लोग उमड़ते रहे.
मुख्या मंत्री किरण कुमार रेड्डी ने आज नायडू और जगन दोनों पर जवाबी हमला किया.
महबूबनगर जिले में एक जनसभा में उन्होंने नायडू से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस ने किसानों की सहायता के लिए जितना कुछ किया है उतना किसी दौर में नहीं किया गया था.
किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार पहले ही किसानों के लिए एक हज़ार करोड़ रुपए की सहायता की घोषणा कर चुकी है और अब केंद्र ने भी 400 करोड़ की सहायता की घोषणा की है.
जगन का नाम लिए बिना किरण ने कहा कि अतीत में भी कई बड़े-बड़े नेता कांग्रेस से निकल कर गए थे लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ा.
































