कसाब पर फ़ैसला 21 फ़रवरी को

कसाब
इमेज कैप्शन, अजमल आमिर कसाब को निचली अदालत ने फांसी की सज़ा सुनाई थी

मुंबई चरमपंथी हमलों के मामले में अजमल आमिर कसाब को मौत की सज़ा हो या नहीं इस संबंध में मुंबई हाईकोर्ट 21 फ़रवरी को फ़ैसला सुनाएगा.

कसाब की बचाव याचिका पर तीन महीने तक सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने सोमवार को ये तारीख़ तय की.

सरकारी वकील उज्जवल निकम ने जानकारी दी कि अदालत को अनेक दस्तावेज़ों का संकलन करना है इसलिए अदालत ने21 फ़रवरी को फ़ैसला सुनाने का निर्णय किया.

मुंबई से बीबीसी संवाददाता विनीत खरे के अनुसार कसाब के वकील अमीन सोलकर ने बताया कि अदालत ने कहा है कि कसाब को फ़ैसला सुनाते वक़्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौजूद रहने के लिए तैयार किया जाए.

कसाब ऑर्थर रोड़ जेल में बंद हैं और वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बचते रहे हैं.

निचली अदालत का फ़ैसला

ग़ौरतलब है कि कसाब को निचली अदालत ने फांसी की सज़ा सुनाई थी और इस समय कसाब मुंबई के आर्थर रोड जेल में बंद हैं.

पिछले साल छह मई, 2010 को मुंबई की विशेष अदालत ने 26 नवंबर, 2008 को हुए हमले से जुड़े अलग-अलग आरोपों में अजमल आमिर कसाब को फांसी की सज़ा सुनाई थी.

स्पेशल कोर्ट के जज एमएल तहलियानी ने अपने फ़ैसले में हत्या, हत्या की साजिश, भारत के ख़िलाफ़ जंग छेड़ने, हत्या में सहयोग देने और ग़ैरक़ानूनी गतिविधि अधिनियम के तहत चरमपंथी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप में कसाब को फांसी की सज़ा सुनाई थी.

ग़ौरतलब है कि मुंबई में 26 नवंबर, 2008 की रात को 10 बंदूकधारियों ने शहर के दो होटलों, छत्रपति शिवाजी रेलवे स्टेशन और अन्य स्थानों पर हमला किया था.

सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ में नौ हमलावर मारे गए थे लेकिन अजमल कसाब को पुलिस ने जीवित पकड़ लिया था.

इस दौरान 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हुए थे.