सेन के लिए नोबेल वैज्ञानिकों की अपील

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दुनिया भर के 40 नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने मानवाधिकार कार्यकर्ता बिनायक सेन के रिहाई की अपील की है.
इन लोगों ने संयुक्त हस्ताक्षर से एक अपील जारी करते हुए कहा है कि बिनायक सेन अपील पर शीघ्रता से सुनवाई होनी चाहिए.
यह अपील ऐसे समय में आई है जब छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट में बिनायक सेन की ज़मानत याचिका पर सुनवाई हो रही है.
छत्तीसगढ़ की एक निचली अदालत ने बिनायक सेन को प्रतिबंधित माओवादियों की सहायता करने के आरोप में देशद्रोह का दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.
उनके साथ दो और लोगों को यही सज़ा सुनाई गई थी. इनमें से एक नारायण सान्याल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं और दूसरे पीयूष गुहा कोलकाता के व्यापारी हैं.
अपील
गत 24 दिसंबर को जब अदालत ने उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी तो इसकी व्यापक प्रतिक्रिया हुई थी.
देश के कई बुद्धिजीवियों ने उनको देशद्रोह के लिए सज़ा सुनाए जाने का विरोध किया था.
अब दुनिया भर के चालीस नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने एक संयुक्त अपील जारी करते हुए बिनायक सेन की रिहाई की मांग की है.
उन्होंने कहा है, "हम बिनायक सेन को असाधारण, निर्भीक और स्वार्थहीन व्यक्ति के रुप में जानते हैं जो भारत में ऐसे लोगों की सहायता करते रहे हैं जो ख़ुद अपनी सहायता करने की स्थिति में नहीं होते."
अपनी अपील में नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने जेल में बिताए गए दो साल और धीमी न्यायिक प्रक्रिया का भी ज़िक्र किया है.
जिन नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने बिनायक सेन के लिए अपील जारी की है वे भौतिकी, रसायन, चिकित्सा और अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार जीता है.
इससे पहले भी 22 नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने बिनायक सेन की रिहाई की अपील की थी.
































