बस्तर उपचुनाव की सीट भाजपा की झोली में

- Author, सलमान रावी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, रायपुर
भारतीय जनता पार्टी के दिनेश कश्यप नें बस्तर लोक सभा उप चुनाव नें अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के कवासी लकमा को 88929 वोटों से हराकर सीट पर क़ब्ज़ा कर लिया है. हालांकि लोक सभा चुनाव के मुकाबले बस्तर के उपचुनाव में मतदान का प्रतिशत काफी कम रहा.
ये सीट भारतीय जनता पार्टी के बलिराम कश्यप के निधन के बाद खाली हुई थी. पार्टी ने बलिराम के पुत्र दिनेश को इस सीट पर अपना उम्मीदवार बनाया था. वहीं कांग्रेस नें बस्तर से अपने एकमात्र विधायक कवासी लकमा को खड़ा किया था.
इस उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी थी और इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था. वैसे भी बस्तर की 12 विधान सभा सीटों में से 11 भाजपा के पास हैं जबकि सिर्फ एक सीट कांग्रेस के पास है.
नतीजे का असर
कहा जा रहा था कि बस्तर उपचुनाव के नतीजे से छत्तीसगढ़ की राजनितिक दिशा और दशा तय होगी. यह भी कहा जाता है कि बस्तर ही तय करता है कि छत्तीसगढ़ में किस पार्टी का राज होगा.
जहाँ एक तरफ भाजपा खेमों में दिनेश कश्यप की जीत को लेकर काफी उत्साह है वहीं कांग्रेस के खेमों में सन्नाटा पसरा हुआ है.
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी नें आरोप लगाया है कि भाजपा की जीत इस लिए सुनिश्चित हुई क्यों कि पार्टी नें प्रशासनिक तंत्र का दुरोपयोग किया है.
दूसरी तरफ भाजपा का कहना है कि बस्तर के लोगों नें बलिराम कश्यप के राजनितिक कद और पार्टी के विकास के कामों को देख कर ही वोट दिया है. हालांकि पिछले लोक सभा चुनाव के मुकाबले में इस उपचुनाव में पार्टी की जीत का आंकड़ा कम रहा.




























