कांग्रेस महासचिव पर जूता चलाने की कोशिश

रामदेव प्रकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी के संवाददाता सम्मेलन के दौरान पार्टी महासचिव और प्रवक्ता जर्नादन द्विवेदी पर जूता चलाने की कोशिश की गई है.
पत्रकारों के बीच बैठा एक व्यक्ति सवाल पूछता-पूछता जर्नादन द्विवेदी के पास पहुँच गया और जूता निकाल लिया. जर्नादन द्विवेदी ने उसे हाथ से रोकने की कोशिश की.
इस बीच बड़ी संख्या में मौजूद पत्रकारों ने इस व्यक्ति को घेर लिया. कुछ लोगों ने उस व्यक्ति की जमकर पिटाई कर दी और बाद में उसे बाहर ले जाया गया.
बाहर जाकर लोगों से घिरे इस व्यक्ति ने अपना नाम सुनील कुमार बताया है और कहा है कि वो राजस्थान की नवसंचार पत्रिका से जुड़ा हुआ पत्रकार है.
'योजनाबद्ध हमला'
अब पुलिस ने इस व्यक्ति को लेकर थाने गई है.
बाद में जर्नादन द्विवेदी ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना. उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि ये भी पहले से ही तय था.
उन्होंने कहा, "अगर ये प्रायोजित नहीं था, तो और क्या था. वो सज्जन ऐसा दिखा रहे थे जैसे वे कांग्रेस की बातें कर रहे हैं. ये सज्जन पहले से ही दरवाज़े के पास खड़े थे."
कांग्रेस ने ये प्रेस कॉन्फ़्रेंस रामदेव प्रकरण पर अपनी बात रखने के लिए बुलाई थी. इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जर्नादन द्विवेदी ने बाबा रामदेव के साथ-साथ विपक्षी भारतीय जनता पार्टी को भी आड़े हाथों लिया.
वर्ष 2009 में गृह मंत्री पी चिदंबरम पर भी जूता फेंका गया था, लेकिन चिदंबरम को चोट नहीं आई थी. चिदंबरम पर जूता एक पत्रकार जरनैल सिंह ने फेंका था.
वैसे शीर्ष नेता पर जूता फेंकने की सबसे चर्चित घटना वर्ष 2008 में हुई थी, जब इराक़ में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर जूता फेंका गया था.
इसके बाद देश-दुनिया के कई नेताओं पर जूते फेंकने की कोशिश हुई है.
































