येदियुरप्पा और परिजनों पर आरोप

कर्नाटक के लोकायुक्त न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े ने अवैध खनन पर अपनी रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव को सौंप दी है.
रिपोर्ट सौंपने के बाद कहा है कि उनके पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि मुख्यमंत्री के परिवार के लोगों को कई कंपनियों ने भुगतान किए.
उन्होंने इस रिपोर्ट में कर्नाटक राज्य में मंत्री पद पर आसीन रेड्डी बंधुओं सहित कई राजनीतिज्ञों के नाम लिए हैं जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता कुमारस्वामी शामिल हैं.
लोकायुक्त ने कहा है कि उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए.
उन्होंने कहा है कि इस रिपोर्ट में 787 अधिकारियों के भी नाम हैं.
उन्होंने कहा है कि वर्ष 2006 से 2010 के बीच अवैध खनन से राज्य सरकार को 16085 करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ है.
इस बीच भारतीय जनता पार्टी पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को हटाने का दबाव बढ़ गया है.
हालांकि येदियुरप्पा कह चुके हैं कि वे अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगे.
सिफ़ारिश

न्यायमूर्ति हेगड़े ने अपनी रिपोर्ट की एक प्रति मुख्य सचिव को सौंपी गई है और एक प्रति राज्यपाल को सौंपी गई हैं.
उनका कहना है कि राज्य में राज्युपाल ही वो अधिकारी हैं जो मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकते हैं.
लोकायुक्त का कहना है कि अवैध खनन में सौ से भी अधिक कंपनियाँ शामिल रही हैं.
उन्होंने कहा है कि जिन अधिकारियों ने नाम रिपोर्ट में आए हैं, उनमें से कुछ के नाम रिपोर्ट में हैं जबकि कुछ के पदनाम दिए गए हैं.
लोकायुक्त का कहना है कि अपनी रिपोर्ट में उन्होंने सिफ़ारिश की है कि राज्य सरकार को अवैध खनन से नुक़सान हुआ है उसकी भरपाई दोषी व्यक्तियों से राशि वसूल कर की जानी चाहिए.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्रियों धर्मसिंह और एसएम कृष्णा का नाम नहीं लिया है जैसा कि मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा है.
लोकायुक्त ने अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के परिवारजनों के ट्रस्ट को एक खनन कंपनी की ओर से दिए गए 10 करोड़ रुपए दान का ज़िक्र किया और एक खनन कंपनी की ओर से एक करोड़ की मूल्य की ज़मीन के लिए बीस करोड़ रुपए के भुगतान किए जाने का भी ज़िक्र किया.
न्यायमूर्ति हेगड़े ने लोकायुक्त के लिए जाँच करने वाले अधिकारी यूवी सिंह और उनके सहयोगी अधिकारियों की सुरक्षा और उनके करियर को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.
सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा
अपनी रिपोर्ट सौंपे के पहले न्यायमूर्ति हेगड़े ने कहा था कि उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं हैं कि राज्य सरकार उनकी रिपोर्ट पर कार्रवाई करेगी.
उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से हुई बातचीत में यही बात दोहराई और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस पर सुप्रीम कोर्ट कार्रवाई करेगी.
उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक में अवैध खनन के मामले की निगरानी कर रही है इसलिए वे उम्मीद करते हैं कि वह इस रिपोर्ट को संज्ञान में लेगी और इस पर उचित कार्रवाई करेगी."
इसके अलावा लोकायुक्त की उम्मीद राज्यपाल पर भी होगी.
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से कई बार राजनीतिक लड़ाई में आमने सामने हो चुके राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने कहा है कि वे रिपोर्ट पढ़ने के बाद अपनी सिफ़ारिश राष्ट्रपति को भेज देंगे.
संवाददाताओं का कहना है कि जितनी नज़र भाजपा के आलाकमान पर होगी कि वह येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई करती है, उतनी ही राज्यपाल हंसराज भारद्वाज की रिपोर्ट पर भी होगी कि वे क्या सिफ़ारिश करते हैं.
































