टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण की पिटाई

प्रशांत भूषण

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इमेज कैप्शन, प्रशांत भूषण उस समय अपने कार्यालय में थे

सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील और टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण के कार्यालय में दो युवकों ने उनके साथ मारपीट की.

प्रशांत भूषण उस समय अपनी कुर्सी पर बैठे थे, तभी दो युवक उनके कार्यालय में घुसे और एकाएक उन्हें मारने लगे.

एक व्यक्ति ने प्रशांत भूषण को कुर्सी से गिरा दिया और मारपीट की. बाद में मारपीट करने वाले एक युवक को पकड़ लिया गया है.

जैसे ही सुप्रीम कोर्ट के परिसर में ये ख़बर फैली. कई वकील और अन्य लोग भी प्रशांत भूषण के कार्यालय में पहुँच गए.

पिटाई

उन्होंने मारपीट करने वाले उस युवक की भी पिटाई की.

टीम अन्ना की सदस्य और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने इसे गुंडागर्दी कहा है. उन्होंने कहा कि ये सदमे जैसा है.

प्रशांत भूषण ने कहा है कि इन युवकों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कर दी है. प्रशांत भूषण का कहना है कि कश्मीर पर दिए बयान के कारण उन पर हमला किया गया.

कुछ दिन पहले प्रशांत भूषण से यह पूछा गया था कि क्या कश्मीर में जनमतसंग्रह कराया जाना चाहिए, तो उन्होंने हाँ कहा था.

इस घटना के कुछ देर बाद बीबीसी को मिले ईमेल में भगत सिंह क्रांति सेना नाम के संगठन ने इसकी ज़िम्मेदारी ली है.

प्रतिक्रिया

कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि इसकी जाँच होनी चाहिए. उन्होंने उन संस्थाओं की तह में जाने की भी बात कही, जिनसे ये युवक जुड़े हुए थे.

प्रशांत भूषण के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांति भूषण ने कहा है कि वे लोग इन हमलों से डिगने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि प्रशांत निडर व्यक्ति हैं और वे उनके साथ हैं.

अन्ना हज़ारे ने भी प्रशांत भूषण पर हमले की निंदा की है. उन्होंने कहा कि क़ानून को हाथ में लेना उचित नहीं.

उन्होंने कहा, "अगर विचार से सहमत नहीं, तो क़ानून व्यवस्था के दायरे में काम करना चाहिए. ऐसे मारपीट करने वाले युवकों को क़ानून को हाथ में नहीं लेना चाहिए. मेरी तो युवकों में आस्था है और वे देश का भविष्य हैं. मैं तो यही प्रार्थना करता हूँ कि भगवान मारपीट करने वाले युवकों को सदबुद्धि दे."

अन्ना हज़ारे ने कहा कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं इस हमले की वजह क्या है.