कांग्रेस को रास न आई अन्ना की टिप्पणी

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लोकपाल के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना करने वाले अन्ना हज़ारे को कांग्रेस के नेताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रवक्ता बताया है और उनकी कड़े शब्दों में निंदा की है.
एक नेता ने कहा कि पार्टी इस तरह के आरोप बर्दाशत नहीं करेगी.
कांग्रेस के सांसद पीवी हनुमंत राव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ''राहुल गाँधी तो सरकार में भी नहीं हैं और केवल पार्टी के महासचिव है. लोकपाल बिल को कमज़ोर करने का राहुल पर आरोप लगा कर अन्ना कुछ लोगों के हितों को पूरा कर रहे हैं. कांग्रेस के लोग इसे बर्दाशत नहीं करेंगे.''
केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा, ''विपक्ष राहुल गाँधी से डरता है और अन्ना ख़ासतौर पर संघ के प्रवक्ता बन चुके हैं. क्या वे कोई लाट साहब हैं. हम उन्हें यूपी (चुनावों) में देख लेंगे.''
वे अन्ना हज़ारे की कांग्रेस के महासचिव पर टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे थे.
'भगवान नहीं अन्ना'
बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा, ''अन्ना कांग्रेस को डराने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हम उनसे डरते नहीं हैं. अगर वह 75 साल के हैं तो कांग्रेस पार्टी 125 साल की है.''
कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा, ''उनके शब्द भगवान ब्रह्मा के शब्द नहीं हैं. क्या वह सत्यवादी हरिशचंद्र हैं. मैं इससे सहमत नहीं हूँ.''
कांग्रेस के प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि वह राहुल गाँधी ही हैं जो मज़बूत लोकपाल चाहते हैं और उसके संविधानिक दर्जे के लिए काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ''अन्ना हज़ारे राजनीति कर रहे हैं.''
यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस ने रविवार को हज़ारे के अनशन के स्थान पर अपना प्रतिनिधि क्यों नहीं भेजा तो उन्होंने कहा, ''हम वहाँ इसलिए नहीं गए क्योंकि हम ऐसी जगह पर नहीं जा सकते थे जहाँ सोनिया और राहुल गाँधी की निंदा की जा रही हो."
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर राजनीति का स्थान हो सकता है, लेकिन क़ानून बनाने का नहीं.
































