जगन से आठ घंटों तक पूछताछ, राज्य में तनाव

- Author, उमर फ़ारूक़
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
आय से अधिक संपत्ति से जुड़े एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष और आंध्रप्रदेश के कडप्पा से लोकसभा सांसद जगनमोहन रेड्डी से शुक्रवार को आठ घंटे तक पूछताछ की.
जगनमोहन रेड्डी की गिरफ्तारी के अटकलों के विपरीत सीबीआई ने पूछताछ के बाद उन्हें घर वापस जाने की अनुमति दे दी.
हालांकि उन्हें शनिवार को दोबारा सीबीआई के सामने हाज़िर होने को भी कहा गया है.
पूछताछ के बाद सीबीआई कार्यालय से बाहर आने पर जगन ने कहा की उन्होंने सीबीआई की तरफ से पूछे गए सभी सवालों का जवाब दिया है.
उन्होंने कहा, “सीबाआई को कुछ और जानकारी चाहिए जिसके लिए कल मुझे दोबारा बुलाया गया है."
सवाल-जवाब
सूत्रों के अनुसार सीबीआई अधिकारियों के सवाल अधिकतर वोडारेवु निज़म्पत्नाम परियोजना के सम्बन्ध में थे जिसमें, जगन के पिता वाईएसआर की सरकार ने एक निजी कम्पनी को कई हज़ार एकड़ भूमि आवंटित की थी और कई छूटें भी दी थीं.
बाद में इसी कंपनी ने जगन की कम्पनी में 850 करोड़ रूपए का पूंजीनिवेश किया था.
पहले जगन से अकेले में पूछताछ की गई फिर उन्हें इस मामले के दूसरे अभियुक्तों के साथ बिठाकर सवाल किए गए.
इनमें गुरूवार को गिरफ्तार किये गए मंत्री वेंकट रमन्ना, एक उद्योगपति निम्मागड्डा प्रसाद और एक वरिष्ठ अधिकारी ब्रह्मानंद रेड्डी शामिल थे.
इस पूछताछ में सीबीआई के साथ एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट के अधिकारी भी शामिल थे.
सीबीआई ने जगनमोहन रेड्डी को उनकी संपत्ति के मामले में पिछले डेढ़ वर्ष से जारी छानबीन के आखिरी चरण में अपने सामने तलब किया है.
जगनमोहन रेड्डी को गिरफ्तार करने की अटकलों के चलते, राजभवन रोड पर बने सीबीआई के विशेष कार्यालय के चारों ओर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे.
इस बीच पूरे राज्य में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है और हैदराबाद और कडप्पा में किसी गड़बड़ को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई हैं.
चुनाव

सीबीआई के सामने हाजिर होने के लिए जाने से पहले जगनमोहन रेड्डी ने कहा था की अगर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है तो उनकी मां विजय लक्ष्मी विधान सभा उप चुनाव में उनकी पार्टी के अभियान की अगुवाई करेंगी.
पूछताछ से पहले जगन ने कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है लेकिन कांग्रेस पार्टी उनके विरुद्ध षडयंत्र कर उन्हें और उनके पिता को बदनाम कर रही है और उन्हें अपने रास्ते से हटाना चाहती है.
यह घटनाक्रम ऐसे समय हो रहा है जबकि राज्य में 18 विधान सभा और एक लोक सभा सीट के लिए 12 जून को उप चुनाव होने जा रहा है जिसमें कांग्रेस और वाई एस आर कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है.
जानकारों के मुताबिक, चुनाव के परिणामों का राज्य की कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर गहरा असर पड़ सकता है.
गिरफ्तारी
सीबीआई इस मामले में पहले ही तीन अभियोग पत्र अदालत में दाखिल कर चुकी है जिसमें जगनमोहन रेड्डी को अभियुक्त नंबर एक बताया गया है.
उनपर भ्रष्टाचार, अधिकार के दुरूपयोग और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
अभियोग पत्र में कहा गया है की जगनमोहन रेड्डी ने अपने पिता और उस समय के मुख्य मंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के साथ षडयंत्र रच कर भ्रष्ट तरीकों से संपत्ति जमा की थी.
सीबीआई का कहना है की वाई एस आर सरकार ने जिन कंपनियों को फायदा पहुंचाया था उन्हें उसके बदले में जगनमोहन रेड्डी की कई कंपनियों में पूँजी लगाई, लेकिन यह दरअसल घूस थी जो पूंजी निवेश की आड़ में दी गई.
सीबीआई ने अब तक इस मामले में चार व्यक्ति गिरफ्तार किए हैं जिनमें अभियुक्त नंबर दो और वाई एस आर परिवार के ऑडिटर विजयी साईं रेड्डी, एक वरिष्ठ अधिकारी के वी ब्रह्मानंद रेड्डी, वन्पिक कम्पनी के प्रमुख निम्मा गड्डा प्रसाद और एक मंत्री एम वेंकट रमन्ना शामिल हैं.
































