काले धन के मुद्दे पर राजनेताओं के दरवाजे पर रामदेव

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बाबा रामदेव देश से बाहर गए काले धन को वापिस लाने के लिए अब राजनेताओं की मदद चाहते हैं. सोमवार को रामदेव ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिले. बाबा की सूची में अभी कई और नाम है.
मुलाकात के बाद गडकरी ने कहा, “ काले धन को वापिस लाने के लिए रामदेव का आंदोलन काफी अहम है. बतौर पार्टी भाजपा उनकी इस मुहीम का समर्थन करती है. यह दलगत राजनीति से अलग मुद्दा है. यह अभियान देश के लाभ के लिए है.” गडकरी ने रामदेव का स्वागत उनके पैर छू कर किया.
रामदेव अब लालू प्रसाद यादव, मुलायम सिंह यादव, सोनिया गांधी, एबी बर्धन और शरद यादव से भी मिलना चाहते हैं.
सोनिया से मांगा
रामदेव ने कहा, “मैंने मुलाकात के लिए सोनिया गांधी को लिखा है. मैंने सभी पार्टियों के समर्थन के लिए समय मांगा है. इसमें किसी तरह की कोई राजनीति नहीं है. अगर देश का काला धन वापिस आएगा तो इसका लाभ सभी को मिलेगा.”
रविवार को अन्ना हजारे के साथ अनशन के दौरान रामदेव ने अरविंद केजरीवाल के खुलेआम किसी राजनेता का नाम लेने पर एतराज किया था. अपने तर्क में रामदेव ने कहा कि यह अनशन के लिए तय प्रोटोकॉल के खिलाफ था.
इस पर केजरीवाल मंच छोड़ कर चले गए थे.
रामदेव ने कहा था, “ केजरीवाल को किसी का नाम नहीं लेना चाहिए. ऐसा करने से विवाद हो सकता है. मेरी राय को किसी पर व्यक्तिगत हमला न समझा जाए. ”
केजरीवाल ने अपने भाषण में कहा था कि जब तक लालू प्रसाद यादव, ए राजा और सुरेश कलमाड़ी जैसे सांसद मौजूद हैं, संसद कभी लोकपाल बिल पास नहीं करेगी.












