इमरान ख़ान के 'माथा टेकने' के वायरल वीडियो पर हंगामा

इमरान ख़ान

इमेज स्रोत, Getty Images

पढ़ने का समय: 2 मिनट

तहरीक-ए-इंसाफ़ के प्रमुख इमरान ख़ान बुधवार की रात अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ पाकपटन में बाबा फ़रीद गंज शकर की दरगाह पर गए थे जिसका वीडियो सामने आने के बाद हंगामा खड़ा हो गया है.

यह हंगामा इस बात को लेकर है कि वीडियो में इमरान और उनकी पत्नी दरगाह की चौखट पर 'माथा टेक' रहे हैं.

दरगाह पर हाज़िरी के इस मौक़े का किसी ने वीडियो बना लिया था जो पहले तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चला, फिर देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

इस वीडियो के सामने आने के बाद एक तरफ़ विरोधी इस चीज़ को धार्मिक तौर से ग़लत बता रहे हैं. वहीं, उनकी पार्टी के समर्थक इसका समर्थन कर रहे हैं.

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लोगों की प्रतिक्रिया

पत्रकार मुबश्शिर ज़ैदी ने ट्विटर पर लिखा, "किसी की धार्मिक मान्यताओं से मुझे समस्या नहीं है, लेकिन इमरान ख़ान की ओर से एक दरगाह पर सजदा परेशान करने वाला है."

इसके जवाब में @diplomat_79 के अकाउंट से एक शख़्स ने लिखा, "यह इमरान ख़ान की आस्था का मामला है और मुझे या किसी को उनके बारे में राय क़ायम करने का हक़ नहीं है."

इमरान ख़ान और उनकी पत्नी ने दरगाह पर चादर चढ़ाई और सज्जादनशीं अज़मत सैयद चिश्ती से मुलाक़ात की.

पत्रकार तलत हुसैन ने ट्वीट किया, "कुछ कहने की ज़रूरत नहीं है. यह वीडियो क्लिप ख़ुद बयान कर रही है."

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कई दूसरे लोगों ने फ़ेसबुक और ट्विटर पर इमरान ख़ान के दरगाह पर 'माथा टेकने' को अलग-अलग तरीक़े से बयान किया. कुछ लोगों का कहना है कि इमरान ख़ान ने माथा फ़र्श पर नहीं टेका, सिर्फ़ चौखट को चूमकर उठ खड़े हुए.

‏@Aimalkhankakar ने लिखा, "यह सजदा नहीं था, इमरान ख़ान ने सिर्फ़ दरगाह के फ़र्श को चूमा है. बहरहाल किसी की धार्मिक आस्था से आपको क्या समस्या है? इमरान ख़ान का धर्म उनका निजी मामला है."

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स्तंभकार मुशर्रफ़ ज़ैदी ने ट्विटर पर लिखा, "यह बात दिलचस्प है कि आम स्थिति में बौद्धिक लोग भी दरगाहों के मामले पर सख़्त वहाबी दृष्टिकोण अपना रहे हैं. वह लोग जो वैसे धीरज रखने को कहते हैं उन्हें किसी की इबादत पर एतराज़ नहीं करना चाहिए."

इमरान ख़ान पर होने वाले हमलों के जवाब में एक यूज़र ने पीपीपी नेता बिलावल भुट्टो ज़रदारी की एक तस्वीर शेयर की जिसमें वह किसी हिंदू देवता की मूर्ति पर पानी छिड़क रहे हैं.

वह तस्वीर तब की थी जब बिलावल भुट्टो ज़रदारी अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के बीच दीवाली के एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे.

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