उर्दू प्रेस रिव्यू: इमरान ख़ान की तुलना ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो से

इमरान ख़ान का पोस्टर

इमेज स्रोत, Reuters

    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो इस पूरे हफ़्ते नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के कई बयान ख़ासकर भारत-प्रशासित कश्मीर के बारे में दिए गए उनके बयान और अमरीका से उनकी बातचीत सुर्ख़ियों में रही.

इमरान ख़ान ने 21 मंत्रियों के साथ अपने मंत्रिमंडल का गठन किया है. इसमें 16 केंद्रीय मंत्री हैं और पांच सलाहकार हैं जिन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल है.

शाह महमूद क़ुरैशी को विदेश मंत्रालय, परवेज़ खटक को रक्षा मंत्रालय दिया गया है, जबकि गृह मंत्रालय का ज़िम्मा इमरान ख़ान ने ख़ुद अपने पास रखा है.

एक्सप्रेस अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान के मंत्रिमंडल ने अपनी पहली बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और उनकी बेटी मरियम नवाज़ को ईसीएल (एक्ज़िट कंट्रोल लिस्ट) में डालने का फ़ैसला किया है.

साथ ही नवाज़ शरीफ़ के बेटे हसन और हुसैन नवाज़ और पूर्व वित्त मंत्री इस्हाक़ डार को गिरफ़्तार कर विदेश से पाकिस्तान लाने का फ़ैसला किया गया है.

अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान ने फ़ैसला किया है कि वो पहले तीन महीने में कोई भी विदेशी दौरा नहीं करेंगे.

इमरान ख़ान

इमेज स्रोत, Getty Images

'विदेश मंत्रालय में बनेगी विदेश नीति''

विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में भारत का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान न सिर्फ़ पड़ोसी देश हैं, बल्कि दोनों ही देश परमाणु शक्ति भी हैं.

जंग के अनुसार भारत-प्रशासित कश्मीर का ज़िक्र करते हुए क़ुरैशी ने कहा कि हम चाहें या न चाहें कश्मीर एक समस्या है और दोनों देशों ने ये बात स्वीकार की है.

एक्सप्रेस अख़बार के मुताबिक़ क़ुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान की विदेश नीति अब विदेश मंत्रालय में ही बनेगी. अख़बार के मुताबिक़ एक पत्रकार ने जब ये पूछा कि पाकिस्तान की विदेश नीति तो सेना तय करती है तो अब क्या होगा, इसी के जवाब में नव-निर्वाचित विदेश मंत्री ने ये बातें कहीं.

इमरान ख़ान ने ट्वीट किया था कि भविष्य में आगे बढ़ने के लिए भारत और पाकिस्तान को बातचीत करनी होगी और कश्मीर समेत सभी मामलों का हल तलाशना होगा.

इमरान के इस बयान को सारे अख़बारों ने प्रमुखता से छापा.

Presentational grey line
Presentational grey line
शाह महमूद क़ुरैशी के साथ इमरान ख़ान

इमेज स्रोत, AFP/GETTY IMAGES

इमेज कैप्शन, शाह महमूद क़ुरैशी के साथ इमरान ख़ान

इमरान ख़ान और अमरीकी विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत भी इस सप्ताह सुर्ख़ियों में रही.

अख़बार दुनिया के अनुसार अमरीकी विदेश मंत्री ने इमरान ख़ान से फ़ोन पर बातचीत की और पाकिस्तानी धरती पर सक्रिय चरमपंथियों के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई करने की अपील की. लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार करता है.

अख़बार दुनिया के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमरीका के इस दावे को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है.

अख़बार के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्री का कहना है कि अमरीकी विदेश मंत्री और इमरान ख़ान के बीच बहुत ही सकारात्मक बातचीत हुई. क़ुरैशी के अनुसार अमरीकी विदेश मंत्री ने इमरान ख़ान से कहा कि अमरीका चाहता है कि पाकिस्तान से रचनात्मक संबंध स्थापित हो.

क़ुरैशी के अनुसार अमरीकी विदेश मंत्री पांच सितंबर को पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं.

ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो से इमरान की तुलना

इमरान ख़ान के बारे में आज कल पाकिस्तानी अख़बारों में रोज़ाना कोई न कोई लेख छप रहा है. जंग अख़बार के संपादकीय पेज पर जाने-माने राजनीतिक समीक्षक अफ़ज़ाल रेहान ने एक लेख लिखा है जिसका शीर्षक है, 'प्रधानमंत्री इमरान ख़ान: नया भुट्टो'

ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो

इमेज स्रोत, KEYSTONE

इमेज कैप्शन, ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो की लोकप्रियता से की गई है इमरान ख़ान की तुलना

अफ़ज़ाल रेहान लिखते हैं कि भुट्टो भी अपने ज़माने में उतना ही लोकप्रिय थे जितना आज इमरान ख़ान हैं. रेहान के अनुसार दोनों के जीवन का सिर्फ़ एक ही मक़सद है, किसी भी तरह सत्ता हासिल करना और उस पर बने रहना.

कॉलमनिगार लिखते हैं कि ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते थे, ये सभी जानते हैं. उन्होंने व्यंग करते हुए लिखा कि इमरान ख़ान को भी अपनी ज़बान खोलने से पहले अपने सभी शब्दों को तौल लेना चाहिए.

राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी

प्रधानमंत्री के चुनाव के बाद पाकिस्तान में राष्ट्रपति के चुनाव की ख़बरें भी चर्चा में हैं.

इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ ने डॉक्टर आरिफ़ अलवी को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है.

अख़बार दुनिया के अनुसार मौजूदा हालात में डॉक्टर अलवी का राष्ट्रपति बनना लगभग तय है, लेकिन अगर विपक्ष एक साझा उम्मीदवार लेकर सामने आता है तो लड़ाई कांटे की हो जाएगी. विपक्षी पार्टियां रविवार को एक साथ बैठक कर रही हैं जिनमें साझा उम्मीदवार के नाम की घोषणा किए जाने की संभावना है.

इसके अलावा भारत के जाने-माने पत्रकार कुलदीप नैय्यर की मौत की ख़बरें भी सभी अख़बारों के पहले पन्ने पर छपी हैं.

Presentational grey line
Presentational grey line

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)