बूंद-बूंद पानी को तरसता वेनेजुएला

खाली पीपे, बोतलें, डिब्बे लिए पानी की तलाश करते हुए बच्चे-बूढ़े और जवान...

ये वो दृश्य है जो वेनेजुएला की राजधानी कराकास से लेकर तमाम दूसरे शहरों में आसानी से देखा जा सकते है.

वेनेजुएला में बीते छह दिनों से बिजली गायब है.

इसकी वजह से बिजली से चलने वाले पंपों ने काम करना बंद कर दिया है, और लोगों के घरों तक पानी पहुंचना बंद हो गया है.

वेनेजुएला के लोग इससे पहले राजनीतिक संघर्ष से लेकर दवाइयों और खाने-पीने के सामान की कमी से जूझ रहे थे.

लेकिन बिजली ना आने की वजह से पैदा हुए जल संकट ने लोगों को सड़कों पर आने को मजबूर कर दिया है.

कराकास के स्थानीय समयानुसार बीते गुरुवार की दोपहर से घरों तक पानी पहुंचाने वाले पंपों ने काम करना बंद कर दिया है.

ऐसे में लोगों ने घरों से निकलकर पानी की तलाश शुरू कर दी है.

पानी की तलाश में लोगों ने शहरों से सटे जंगलों की ओर कूच कर दिया है ताकि पहाड़ों पर प्राकृतिक स्रोत से पानी हासिल किया जा सके.

वहीं, शहरों में लोग पानी की कमी के चलते नालों से लेकर सीवर सिस्टम से पानी लेने को मजबूर हैं.

वेनेजुएला में जारी राजनीतिक संकट के बीच सरकार से लेकर विपक्षी दल दोनों बिजली संकट के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा है कि अमरीका की ओर से बिजली ग्रिड पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और सायबर अटैक किया गया है.

बीते मंगलवार को वेनेजुएला के प्रॉसीक्यूटर जनरल तारेक साब ने कहा है कि विपक्षी नेता ख़्वान ग्वाइदो पर इस हमले की साजिश रचने के आरोप लगाया है और उनके ख़िलाफ़ जांच करने का आरोप लगाया है.

वहीं, ख़्वान ग्वाइदो ने कहा है कि इस संकट के लिए बीते कई सालों से जारी सरकारी अव्यवस्था और मरम्मत की कमी ज़िम्मेदार है.

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