ननकाना साहिब मामले पर क्या कह रहा है पाकिस्तान?

गुरुद्वारा ननकाना साहिब

इमेज स्रोत, Arif ali

पढ़ने का समय: 5 मिनट

पाकिस्तान में सिख धर्म के पवित्र स्थल गुरुद्वारा ननकाना साहिब में शुक्रवार शाम हुई घटना पर भारत ने नाराज़गी दिखाई है मगर पाकिस्तान सरकार का रुख़ इससे बिल्कुल अलग है.

पाकिस्तान सरकार इसे गंभीर मामलों से ध्यान भटकाने की भारत सरकार की कोशिश बता रही है.

पाकिस्तान के गृह मंत्री एजाज़ शाह ने बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक से कहा कि एक व्यक्तिगत झगड़े को धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई.

इसी इलाक़े से आने वाले पाकिस्तानी गृह मंत्री ने कहा कि मुट्ठीभर लोग प्रदर्शन कर रहे थे जबकि वहां बड़ी संख्या में तमाशबीन थे.

उन्होंने बताया कि वीडियो में नारे लगवाते दिखाई दे रहे लोग धार्मिक रुझान रखते हैं. उनका कहना था कि अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

वहीं पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सूचना मंत्री फ़ैयाज़ उल हसन चौहान ने बीबीसी से कहा, "भारत और भारतीय मीडिया इस मामले को ग़लत रंग देकर नागरिकता संशोधन क़ानून और कश्मीर से ध्यान हटाना चाहता है."

सूचना मंत्री चौहान का कहना है कि ये एक निजी झगड़े का मामला था और कुछ घंटे बाद ही हालात को क़ाबू में कर लिया गया.

उन्होंने कहा, "मुहम्मद एहसान नाम के लड़के ने कथित तौर पर सिख लड़की को अग़वा किया था. उसके चाचा की दूध-दही की दुकान है जिस पर उसका भाई भी काम करता है. उस दुकान पर एक शख़्स ने दही में मक्खी की शिकायत की जिसके बाद झगड़ा हो गया."

"किसी ने पुलिस को सूचना दे दी जिसने मौक़े पर पहुंचकर चाचा और भतीजे को गिरफ़्तार कर लिया. इसके बाद उन दोनों ने इसको धार्मिक रंग दे दिया."

मंत्री के मुताबिक़ 'अब लड़के के पिता ने प्रशासन से माफ़ी मांगी है.'

ये भी पढ़िएः

गुरुद्वारा ननकाना साहिब

इमेज स्रोत, Sardar harmeet singh

सिख लड़की को अग़वा करने का मामला

ननकाना साहिब में 3 जनवरी की शाम को जो घटना हुई उसके तार पिछले साल की एक घटना से जुड़े बताए जा रहे हैं.

दरअसल बीते साल सितंबर में ननकाना साहिब के एक सिख परिवार ने छह लोगों पर उनकी 19 साल की लड़की जगजीत कौर को अग़वा करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराकर एक मुसलमान लड़के से शादी करवाने का आरोप लगाया था.

बाद में लड़की का वकील होने का दावा करने वाले एक वकील ने पुलिस को बताया कि लड़की ने लाहौर की एक अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने दफ़ा 164 के तहत बयान दर्ज करवाया था कि 'उसने बिना किसी दबाव के, अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ इस्लाम क़बूल करने के बाद मुहम्मद एहसान नाम के लड़के से शादी की है.'

इसके बाद जगजीत कौर की ओर से अदालत में एक बयान भी पेश किया गया जिसमें उन्होंने अपने घर के लोगों पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.

इस सारे मामले से सिख समुदाय उत्तेजित था और उसने सरकार से हस्तक्षेप की माँग की.

छोड़िए X पोस्ट
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त

सिख समुदाय की माँग के बाद पंजाब के गवर्नर मुहम्मद सरवर ने बीच-बचाव किया और ट्वीट कर जानकारी दी कि इस मसले को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है.

उन्होंने तब लिखा था, "लड़की अपने परिवार के साथ सुरक्षित है. हम पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के अधिकारों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करते रहेंगे."

हालाँकि सुरक्षा कारणों से लड़की अब तक एक शेल्टर होम में रह रही है.

लड़की और लड़के के माता-पिता के साथ पंजाब के गवर्नर मुहम्मद सरवर

इमेज स्रोत, Twitter@ChMSarwar

इमेज कैप्शन, लड़की और लड़के के माता-पिता के साथ पंजाब के गवर्नर मुहम्मद सरवर (सितंबर 2019)

गुरुद्वारे पर हमला

शुक्रवार शाम को ननकाना साहिब में उग्र भीड़ ने गुरुद्वारा ननकाना साहिब के बाहर तक़रीबन चार घंटे तक प्रदर्शन किया.

प्रदर्शन के समय गुरुद्वारे में मौजूद पंजाबी सिख संगत के चेयरमैन गोपाल सिंह चावला ने बीबीसी उर्दू के आज़म ख़ान को बताया कि एक उग्र भीड़ ने गुरुद्वारे के गेट को नुक़सान पहुंचाया.

गोपाल सिंह के मुताबिक़, उस वक़्त गुरुद्वारे के अंदर तक़रीबन 20 लोग मौजूद थे जिनमें औरतें और बच्चे भी शामिल थे.

गोपाल चावला ने बताया कि ज़िला ननकाना साहिब की पुलिस ने उनमें से दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया जिसके बाद कथित तौर पर लड़की को अग़वा करने वाले मुहम्मद एहसान के परिवार ने पहले शहर के एक चौक पर प्रदर्शन किया और बाद में गुरुद्वारे का रुख़ किया.

गुरुद्वारा ननकाना साहिब

इमेज स्रोत, SARDAR HARMEET SINGH

बाद में गुरुद्वारा ननकाना साहिब के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने गिरफ़्तार लोगों को रिहा कर दिया जिसके बाद प्रदर्शनों का सिलसिला ख़त्म हो गया.

गोपाल चावला ने ये भी कहा कि पुलिस और प्रशासन ने सिख समुदाय की सुरक्षा को पुख़्ता करने के लिए पूरा काम किया है, और इसे धार्मिक मसले के तौर पर पेश करना ठीक नहीं होगा.

उन्होंने कहा, "ये एक ख़ानदान का पुलिस गिरफ़्तारियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन था. हालांकि, हमारी यह मांग है कि गुरुद्वारे के गेट को नुक़सान पहुंचाने वाले लोगों पर धार्मिक अपमान का मुक़दमा दर्ज किया जाए."

पाकिस्तान के सिखों में क्षोभ

उस समय गुरुद्वारे में मौजूद हरमीत सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शन के बाद इलाक़े में तनाव फैल गया और सिख समुदाय के लोग इससे काफ़ी परेशान हैं.

उन्होंने कहा, "श्रद्धालु गुरुद्वारे नहीं जा सके, जबकि ये प्रकाश परब का दिन था. शुरु में प्रदर्शन करने वालों की संख्या कम थी. मगर फिर उनकी तादाद बढ़ने लगी. हमारे लोग डर गए, वो अपने घरों से बाहर नहीं निकले."

हरमीत ने कहा, "ये बाबा नानक का जन्मस्थल है, ये हमारे लिए काफ़ी पवित्र है, और उन्होंने हम पर पत्थर फेंके, हम ये सहन नहीं करेंगे."

पाकिस्तान सिख काउंसिल के पैट्रन रमेश सिंह ने बीबीसी से कहा कि इस घटना से ना केवल पाकिस्तान बल्कि सारी दुनिया के सिख समुदायों को चोट पहुँची है.

रमेश सिंह ने कहा, "जगजीत कौर का मामला दो परिवारों का आपसी मामला था, इसे लेकर किसी के धर्मस्थल पर हमला करना बहुत ग़लत बात है."

उन्होंने कहा कि इस घटना से करतारपुर कॉरिडोर को खोले जाने से जो शांति और सद्भाव का माहौल बना था उसे धक्का लगा है.

उन्होंने कहा, एक लड़के और लड़की के प्रेम-प्रसंग को बहाना बनाकर हमारे धार्मिक स्थलों पर हमला नहीं होना चाहिए. सरकार को हमारे धर्मस्थलों की रक्षा के लिए सुरक्षाकर्मियों और सेना को तैनात करना चाहिए."

रमेश सिंह ने कहा कि जगजीत कौर अगर अपने घर वापस जाना चाहती है तो उसे जाने देना चाहिए और अगर उसका मन घर लौटने का नहीं है तो उसे मजबूर नहीं किया जाना चाहिए.

ननकाना साहिब

इमेज स्रोत, AFP

इमेज कैप्शन, हर साल दुनिया भर से सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब पहुँचते हैं

क्यों ख़ास है ननकाना साहिब?

ननकाना साहिब पाकिस्तान में स्थित है जो सिख धर्म की स्थापना करने वाले गुरु नानक का जन्मस्थल है

यह जगह लाहौर से लगभग डेढ़ घंटे की दूरी पर है.

हर साल दुनिया भर से बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब गुरुद्वारे में दर्शन करते आते हैं.

ख़ासतौर पर सिख धर्म के दसवें और अंतिम गुरु श्री गोविंद सिंह की जयंती पर होने वाले प्रकाश-पर्व के मौक़े पर ननकाना साहिब में विशेष तौर पर श्रद्धालु जुटते हैं.

इस साल प्रकाश पर्व 2 जनवरी को मनाया गया जिसके लिए दूर-दूर से सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब आए थे.

बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)