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बाइडन-पुतिन मुलाक़ात: वही किया जो करने आया था- अमेरिकी राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बुधवार को जिनेवा में बैठक हुई. यह मुलाक़ात ऐसे दौर में हुई जब दोनों देशों के रिश्ते सबसे बुरे दौर से गुज़र रहे हैं.
दोनों के बीच यह बातचीत विला ला ग्रेंज में हुई. इसके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सबसे पहले प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस की शुरुआत करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत 'बेहद रचनात्मक' रही और उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि वहां पर कोई 'शत्रुता' थी.
पुतिन के एक घंटे तक चले लंबे भाषण के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि दोनों के बीच बैठक सकारात्मक रही.
उन्होंने कहा, "मैंने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि मेरा एजेंडा रूस या किसी और ख़िलाफ़ नहीं है, बल्कि ये अमेरिका और अमेरिकी लोगों के हक में हैं."
वही किया जो करने आया था- बाइडन
बाइडन ने साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर बात की और कहा अमेरिका ने 16 ऐसे साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर की पहचान की है.
उन्होंने कहा कि रूस से सैद्धांतिक रूप से इस पर सहमत है. उन्होने कहा, "सैद्धांतिक रूप से सहमत होना एक बात है लेकिन इस पर कदम उठाकर इसका समर्थन किया जाना चाहिए."
बाइडन ने कहा कि उनके लिए पुतिन से व्यक्तिगत तौर पर मुलाक़ात करना बेहद ज़रूरी थी ताकि उनके इरादों के बारे में कोई ग़लत राय न बने.
उन्होंने कहा, "मैंने वही किया जो करने आया था. पहला, उन क्षेत्रों की पहचान करना जिनमें दोनों देश अपने पारस्परिक हितों और दुनिया के भले को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ सकते हैं; दूसरा, सीधे संवाद करना; और तीसरा, अपने देश की प्राथमिकताओं और मूल्यों को स्पष्ट तौर पर सामने रखना जो उन्होंने सीधे तौर पर मुझसे सुना."
नवेलनी की मौत हुई तो परिणाम भयंकर होंगे- बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में रूसी हस्तक्षेप से जुड़े संवाददाताओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बाइडन ने कहा कि "राष्ट्रपति पुतिन को पता है कि इसके परिणाम होंगे."
उन्होंने कहा कि रूस "विश्व शक्ति के रूप में खुद को और मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है. लेकिन अगर उसके हस्तक्षेप करता रहा तो इसकी क़ीमत के तौर पर वो दुनिया में अपनी स्थिति खो देगा."
उन्होंने कहा कि अगर एलेक्सी नवेलनी की मौत हो जाती है तब भी रूस के साथ यही होगा. उन्होंने कहा कि रूस के लिए इसके परिणाम भयंकर होंगे.
संवाददाता सम्मेलन में जब बाइडन ने पूछा गया कि क्या वो पुतिन पर भरोसा करते हैं को उन्होंने कहा कि "यहां मामला भरोसे का नहीं है."
उन्होंने कहा, "ये खुद के हितों और अपने हित को साबित करने का मामला है."
उन्होंने कहा, कि सबसे अच्छा रास्ता यही है कि हम इंतज़ार करें और देखें. उन्होंने कहा "केक कितना स्वादिष्ट है, चखे बिना ये कह पाना मुश्किल है. हम फिलहाल इंतज़ार करने वाले हैं."
राजनयिकों को वापस बुलाने बनी सहमति
वहीं रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बारे में तारीफ़ की और उन्हें एक 'अनुभवी राजनेता' बताया. उन्होंने कहा कि बाइडन "पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से काफी अलग हैं."
पुतिन ने कहा कि उन्होंने विस्तार से दो घंटे बातचीत की जो कि आप बहुत से राजनेताओं के साथ नहीं कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने-अपने देशों से निष्कासित किए गए राजनयिकों को वापस बुलाने पर राज़ी हुए हैं.
उन्होंने कहा कि दोनों ने यूक्रेन के नेटो गठबंधन में लौटने पर चर्चा की है. पुतिन ने कहा कि उन्होंने 'इस पर व्यापक रूप से चर्चा की है.'
साथ ही पुतिन ने बताया कि रूस ने कथित साइबर हमले को लेकर अमेरिका को 'विस्तृत जानकारी प्रदान की है' लेकिन अमेरिका ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है.
साइबर सुरक्षा पर बात करने को राज़ी दोनों देश
उन्होंने कहा कि वो और बाइडन साइबर सुरक्षा पर 'चर्चा करने को लेकर प्रतिबद्ध' हैं.
टेक्सास में अमेरिकी तेल पाइपलाइन सिस्टम पर हालिया हमले और रूस के हेल्थ सिस्टम पर हमले की ओर इशारा करते हुए पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के लिए "हम समझते हैं कि साइबर स्पेस असाधारण रूप से महत्वपूर्ण है."
रूस में हुए हमले पर पुतिन ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि अमेरिकी प्रशासन इस पर विशेष रूप से ध्यान देने में दिलचस्पी रखता है. वे केवल आक्षेप लगाते हैं, हमें विशेषज्ञ परामर्श करने की आवश्यकता है."
उन्होंने ये भी कहा कि आर्कटिक में रूसी सैन्यीकरण को लेकर अमेरिका की चिंता निराधार है.
पुतिन ने कहा कि दोनों के बीच परमाणु स्थिरता को लेकर बातचीत हुई और दोनों आने वाले वक्त में न्यू स्टार्ट आर्म्स कंट्रोल समझौते में बदलाव के बारे में विचार करेंगे.
बीबीसी संवाददाता के सवाल पर भड़के पुतिन
प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान बीबीसी संवाददाता स्टीव रोज़नबर्ग वे सवाल किया कि 'पश्चिमी देश मानते हैं कि रूस की विदेश नीति' में 'अनिश्चितता के गुण' हैं.
इस सवाल के उत्तर में पुतिन ने पूछा, "आपने पूछा कि पश्चिमी देश मानते हैं कि रूसी विदेश नीति में अनिश्चितता है. साल 2002 में जब अमेरिका ने एंटी बेलिस्टिक मिसाइल समझौते (एबीएम ट्रीटी) से बाहर जाने का फ़ैसला किया वो अनिश्चितता था. आप मुझे बताएं कि ऐसे उन्होंने क्यों किया?"
"इसके बाद साल 2019 में अमेरिका ने स्थिरता के लिए ज़रूरी इंटरमी़डिएट रेंड न्यूक्लियर फ़ोर्स समझौते (आईएनएफ़ ट्रीटी) से बाहर जाने का फ़ैसला किया और सामरिक तौर पर अहम इस समझौते को कम कर आंका. क्या इसे आप स्थिरता कहते हैं? ओपन स्काइज़ समझौते से भी अमेरिका बाहर गया, क्या इसे भी आप स्थिरता कहेंगे?"
नवेलनी पर भी बोले पुतिन
जब पुतिन से जेल में बंद उनके विरोधी एलेक्सी नवेलनी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि घटना पर निष्पक्ष कवरेज नहीं हुई.
पुतिन ने कहा, "यह व्यक्ति जानता है कि उन्होंने रूस में मौजूद क़ानून का उल्लंघन किया है और वो बार-बार उसका उल्लंघन करने के अपराधी हैं."
"वो जानते हैं कि वो वॉन्टेड हैं लेकिन फिर भी वो रूस लौटे और जानबूझकर गिरफ़्तार होना चाहते थे. उन्होंने वही किया जो वो करना चाहते थे."
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