You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
यूक्रेन को बिटकॉइन में कहां से मिल रहे हैं करोड़ों डॉलर?
- Author, जो टिडी
- पदनाम, साइबर संवाददाता, बीबीसी
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
क्रिप्टो करेंसी विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन को युद्ध मदद के तौर पर अब तक अनाम बिटकॉइन दान के जरिए कम से कम 13.7 मिलियन डॉलर की रकम मिली है.
ब्लॉक चेन एनेलिसिस कंपनी एलिप्टिक के शोधकर्ताओं का कहना है कि यूक्रेन की सरकार, वहां काम कर रहे गैर सरकारी संगठन और स्वयंसेवक समूहों ने अपने बिटकॉइन वॉलेट के ऑनलाइन प्रचार के ज़रिए पैसा जुटाया है.
शोधकर्ताओं के मुताबिक अब तक चार हज़ार से अधिक लोग यूक्रेन युद्ध में मदद के लिए दान कर चुके हैं. एक दानदाता ने अकेले ही एक एनजीओ को तीस लाख डॉलर क़ीमत का बिटकॉइन दिया है.
लोगों ने औसतन 95 डॉलर का दान किया है.
शनिवार दोपहर को यूक्रेन की सरकार के अधिकारिक अकाउंट से एक संदेश ट्वीट किया गया, "यूक्रेन के लोगों का साथ दीजिए, अब हम क्रिप्टो करेंसी में भी दान स्वीकार कर रहे हैं. बिटकॉइन, इथीरियम और अमेरिकी डॉलर में दान दीजिए."
सरकार की अपील पर दान
सरकार ने दो क्रिप्टो वॉलेट का पता पोस्ट किया जहां 54 लाख डॉलर का चंदा आ चुका है. आठ घंटों के भीतर ही बिटकॉइन, इथीरियम और दूसरी क्रिप्टो करेंसी में ये चंदा यूक्रेन को मिला.
यूक्रेन के डिजिटल मंत्रालय का कहना है कि ये दान यूक्रेन के युद्ध प्रयासों में मदद करने के लिए हैं. हालांकि मंत्रालय ने ये नहीं बताया है कि ये पैसा कैसे इस्तेमाल किया जाएगा.
एलिप्टिक के संस्थापक टॉम रोबिंसन के ने बीबीसी से कहा, "कुछ क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म और पेमेंट कंपनियों ने यूक्रेन का समर्थन करने वाल समूहों के लिए दान को रोक दिया है. ऐसे में बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टो करेंसी दान हासिल करने का सशक्त माध्यम बनी है."
शुक्रवार को पैसा जुटाने वाले प्लेटफॉर्म पेट्रियोन ने घोषणा की थी उसने कम बैक अलाइव अभियान के फंड को रोक दिया है. यूक्रेन का ये एनजीओ साल 2014 से यूक्रेन के सैन्यबलों के लिए फंड इकट्ठा कर रहा है.
पेट्रियोन ने अपने बयान में कहा है कि वो अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए फंड जुटाने के लिए नहीं होने देते हैं.
बदल रहा है तरीका
दुनियाभर में चल रहे संघर्षों में क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए फंड जुटाना एक लोकप्रिय तरीका बनता जा रहा है.
स्कैम करने वाले गिरोह भी यूक्रेन के मौजूदा संकट का फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. वो लोगों को चाल में फंसाकर अपने वॉलेट में फंड देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
एलिप्टिक का कहना है कि कम से कम एक सोशल मीडिया पोस्ट में एक एनजीओ की दान देने की अपील को कॉपी करते हुए बिटकॉइन वॉलेट का पता बदल दिया गया था. हो सकता है उन्होंने अपने वॉलेट का पता डाल दिया हो.
अब तक क्या हुआ?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को यूक्रेन में 'विशेष सैन्य कार्रवाई' करने का एलान कर दिया. उनके इस एलान के बाद यूक्रेन की राजधानी कीएव सहित देश के अन्य हिस्सों में धमाके गूंजने लगे.
रूस की तरफ़ से हुई ये कार्रवाई पुतिन के 'मिंस्क शांति समझौते' को ख़त्म करने और यूक्रेन के दो अलगाववादी क्षेत्रों में सेना भेजने के सोमवार के एलान के बाद हुई. रूस की तरफ़ से इन क्षेत्रों में सेना भेजने की वजह 'शांति कायम करना' बताया गया.
इससे पहले, रूस ने पिछले कुछ महीनों से यूक्रेन की सीमा पर हज़ारों सैनिकों को तैनात कर दिया था. उसके बाद से ही यूक्रेन पर हमले की अटकलें लगाई जा रही थीं.
रूस लंबे समय से यूरोपीय संगठनों ख़ासकर नेटो के साथ यूक्रेन के जुड़ाव का विरोध करता रहा है.
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की लगातार दुनिया के अलग-अलग देशों से समर्थन जुटाने में जुटे हैं. अमेरिका समेत कुछ पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को हथियार भेजने की बात कही है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)