एलनाज़ रेकाबी पहुंचीं ईरान, हुआ ज़बर्दस्त स्वागत

हिजाब के बिना एशियन क्लाइंबिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली ईरान की महिला एथलीट एलनाज़ रेकाबी जब देश में हवाई अड्डे पर पहुंचीं तो लोगों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया.
तालियों की गड़गड़हाट और नारों के बीच उनकी गाड़ी लोगों की भीड़ से होकर गुज़री.
33 साल की एलनाज़ रेकाबी ने पहनावे से जुड़े ईरान के सख़्त नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना हिजाब दक्षिण कोरिया में हुई क्लाइंबिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था.
हालांकि, बाद में रेकाबी ने कहा कि उनका हिजाब 'ग़लती' से गिर गया था. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट और हवाई अड्डे पर एक टीवी इंटरव्यू में हिजाब ना पहनने का यही कारण बताया.
लेकिन उनकी इस सफ़ाई पर कई लोग सवाल भी उठा रहे हैं और ये भी कहा जा रहा है कि एलनाज़ रेकाबी ने दबाव में आकर ये बयान दिया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
एलनाज़ एशियन क्लाइंबिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में थीं. प्रतियोगिता का आयोजन 16 अक्टूबर को हुआ था.
एलनाज़ ईरान का प्रतिनिधित्व कर रही थीं. ईरान की महिलाओं के लिए खेल प्रतियोगिता में भी हिजाब अनिवार्य है. लेकिन वहां बीते क़रीब एक महीने से लोग हिजाब के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.
ईरान के कुर्दिस्तान प्रांत की 22 वर्षीया महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद ये विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे. महसा को तेहरान में 'हिजाब से जुड़े नियमों का कथित तौर पर पालन नहीं करने के लिए' गिरफ़्तार किया गया था.

महसा अमीनी से शुरू हुआ मामला
- ईरान के कुर्दिस्तान प्रांत की 22 वर्षीया महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी.
- महसा को तेहरान में 'हिजाब से जुड़े नियमों का कथित तौर पर पालन नहीं करने के लिए' गिरफ़्तार किया गया था.
- तेहरान की मोरैलिटी पुलिस का कहना है कि 'सार्वजनिक जगहों पर बाल ढकने और ढीले कपड़े पहनने' के नियम को सख़्ती से लागू करने के सिलसिले में महसा को हिरासत में लिया गया था.
- इसे लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर आज उन्होंने विरोध नहीं किया तो कल कोई और इसका शिकार हो सकता है.

एलनाज़ रेकाबी के बयान पर शंकाएं
एलनाज़ रेकाबी बुधवार शाम को दक्षिण कोरिया से लौटी थीं. उनका परिवार हवाई अड्डे पर ही उनसे मिला. यहां उन्हें गले लगाया गया और फूलों के गुलदस्ते दिए गए. उनका सिर बेसबॉल कैप और हूडी से ढका हुआ था.
बाद में ईरानी मीडिया ने एलनाज़ के साथ एक साक्षात्कार किया जिसमें हिजाब को लेकर उन्होंने वही बात दोहराई जो अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखी थी.
उन्होंने कहा, ''मुझे अचानक ही प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए बुला लिया गया. उस वक़्त मैं लॉकर रूम में थी. अपने जूते पहन रही थी और उपकरण ठीक कर रही थी और मैं हिजाब पहनना भूल गई जो मुझे पहनना चाहिए था.''
ये भी पढ़ें:-

इमेज स्रोत, MAHSA AMINI FAMILY
एलनाज़ रेकाबी ने कहा कि उनके पोनीटेल वाले वीडियो पर कुछ कट्टर प्रतिक्रियाएं हैं और उसकी वजह से वह तनाव में थीं.
एलनाज़ कहती हैं, ''अल्लाह का शुक्र है कि मैं सही सलामत ईरान लौट आई. मेरी वापसी पर हवाई अड्डे पर हुई भीड़ के लिए मैं ईरान के लोगों से माफ़ी मांगती हूं.''
उन्होंने उन रिपोर्ट्स को ख़ारिज कर दिया जिनमें उन्हें परिवार और दोस्तों से संपर्क ना करने देने और ईरान से तय समय से पहले लौटने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा, ''ऐसा नहीं हुआ. हम योजना के अनुसार ही ईरान वापस लौटे थे.''
पहले भी बिना हिजाब के खेलों में हिस्सा लेने वाली महिला खिलाड़ी कह चुकी हैं कि उन पर भी इसी तरह की माफ़ी के लिए ईरान प्रशासन का दबाव रहा है. कुछ ने तो ईरान वापस ना जाने का ही फ़ैसला कर लिया था.
हिरासत में रह चुके कई लोगों ने भी कहा है कि ईरानी सुरक्षा बलों ने ऐसे 'बयान' देने के लिए दबाव डाला था जिसे ईरानी सरकार के टीवी ने प्रसारित किया.

इमेज स्रोत, AFP
बनीं विरोध प्रदर्शन का नया चेहरा
एलनाज़ रेकाबी का वीडियो वायरल होने के बाद वो अब सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नया चेहरा बन गई हैं.
सोमवार को बीबीसी फ़ारसी सेवा को एक सूत्र ने बताया कि एलनाज़ रेकाबी के परिवार और दोस्तों का उनसे संपर्क ख़त्म हो गया था. रेकाबी ने बताया था कि वो एक ईरानी अधिकारी के साथ हैं.
ऐसी भी ख़बरें थीं कि उनका पासपोर्ट और मोबाइल फ़ोन ज़ब्त कर लिया गया है. वो दो दिन पहले ही दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में अपने होटल से निकल चुकी थीं.
ईरानी दूतावास ने इस आरोप को सिरे से ख़ारिज किया है और इसे फ़र्ज़ी ख़बर और झूठ बताया है. उनका कहना है कि रेक़ाबी एशिया चैम्पियनशिप ख़त्म होने के बाद सोल से निकली थीं.
इंटरनेशनल फे़डरेशन ऑफ़ स्पोर्ट क्लाइमबिंग (आईएफ़एससी) ने कहा कि वो रेकाबी और ईरानियन क्लाइंबिंग फ़ेडरेशन के संपर्क में थी और स्थिति जानने की कोशिश कर रही थी.
आईएफ़एससी ने कहा, ''इस बात पर ज़ोर देना ज़रूरी है कि हमारे लिए एथलीट की सुरक्षा सबसे ऊपर है. हम इस स्थिति में अपने समुदाय के किसी भी अहम सदस्य को सुरक्षित रखने की कोशिशों का समर्थन करते हैं. आईएफ़एससी एथलीट के अधिकारों, पसंद और अभिव्यक्ति की आज़ादी का समर्थन करती है.''
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














