लाइव, उपसभापति हरिवंश नारायण राज्यसभा के लिए फिर हुए नॉमिनेट
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी है.
उपसभापति हरिवंश नारायण राज्यसभा के लिए फिर हुए नॉमिनेट
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इमेज कैप्शन, संविधान के तहत भारत के राष्ट्रपति के पास राज्यसभा में कुछ सदस्यों को नामित करने की शक्ति होती है (फ़ाइल फ़ोटो)
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी है.
अधिसूचना में कहा गया, "भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (3) के साथ पठित खंड (1) के उपखंड (क) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रपति राज्यसभा के लिए हरिवंश को नामित करती हैं."
गृह मंत्रालय के मुताबिक़, राज्यसभा में एक नामित सदस्य की सेवा समाप्त होने के कारण एक पद खाली हुआ था.
संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड 3 के तहत, भारत के राष्ट्रपति के पास राज्यसभा में 12 सदस्यों को नामित या मनोनीत करने की शक्ति होती है.
इन सदस्यों को साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या अनुभव के आधार पर नॉमिनेट किया जाता है.
ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन, बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का एलान
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इमेज कैप्शन, एआईएमआईएम ने कहा है कि वह किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी (फ़ाइल फ़ोटो)
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (एआईएमआईएम) ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया है और अकेले चुनाव लड़ने का एलान किया है.
हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए नेता हैं. उन्होंने हाल ही में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' के नाम पर एक मस्जिद की नींव रखी थी. इसके बाद वह देशभर में चर्चा में आए थे. वह अपने बयानों की वजह से भी चर्चा में बने रहते हैं.
पिछले साल दिसंबर महीने में पार्टी से निष्कासित होने के बाद उन्होंने एक नई पार्टी बनाने की घोषणा की थी.
चार दिसंबर को तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. पार्टी का कहना था कि वह 'सांप्रदायिक राजनीति' कर रहे हैं.
एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने के पीछे की वजह उनके बयान को बताया है.
एआईएमआईएम की ओर से एक्स पर बयान जारी कर कहा गया, "हुमायूं कबीर के बयानों से पता चलता है कि बंगाल के मुसलमान कितने असुरक्षित हैं. एआईएमआईएम किसी भी ऐसे बयान से ख़ुद को नहीं जोड़ सकती है, जिसमें मुसलमानों की साख पर सवाल उठाया गया हो."
पार्टी ने कहा, "आज से एआईएमआईएम कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस लेती है. बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और दबे हुए समुदायों में से एक हैं. दशकों के धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद उनके लिए कुछ नहीं किया गया है."
एआईएमआईएम ने यह भी कहा, "हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा."
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है. चुनावी नतीजे चार मई को जारी किए जाएंगे.
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इमेज कैप्शन, हुमायूं कबीर ने दिसंबर में नई पार्टी बनाई थी (फ़ाइल फ़ोटो)
हुमायूं कबीर से जुड़ा क्या है विवाद
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गुरुवार को एक्स पर एक वीडियो साझा किया था, जिसको लेकर दावा किया गया कि इस वीडियो में 'हुमायूं कबीर अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के लिए बीजेपी से एक हज़ार करोड़ रुपये लेने' की बात कह रहे हैं.
वहीं, इस पर बीजेपी का कहना है कि उनका इस वीडियो से 'कोई लेना-देना नहीं' है.
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता सुकांता मजूमदार ने कहा, "हमें वीडियो के बारे में कुछ पता नहीं है. हुमायूं कबीर का वीडियो है, वही बताएंगे क्या है क्या नहीं है. हुमायूं कबीर हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है. तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच लड़ाई है, दोनों को लेकर ही बात होनी चाहिए."
इस वीडियो को लेकर हुमायूं कबीर ने सफाई भी दी है. उन्होंने कहा, "भारत के प्रधानमंत्री क्या इतने कमज़ोर आदमी हैं कि हुमायूं कबीर को एक हज़ार करोड़ रुपये दे देंगे?"
अमेरिकी विदेश मंत्री से विक्रम मिसरी की मुलाक़ात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
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इमेज कैप्शन, सर्जियो गोर ने यह तस्वीर एक्स पर शेयर की है
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाक़ात की है. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर पोस्ट कर इस मुलाक़ात की जानकारी दी.
इस मुलाक़ात के दौरान सर्जियो गोर भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ यह बैठक 'सार्थक' रही.
सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, "व्हाइस हाउस में विक्रम मिसरी आपका स्वागत है. सेक्रेटरी रुबियो के साथ एक सार्थक बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, ख़ासतौर पर व्यापार, अहम खनिज, रक्षा और क्वाड पर ध्यान केंद्रित किया गया."
भारतीय विदेश सचिव अमेरिका दौरे पर हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, विक्रम मिसरी के इस दौरे के दौरान भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होनी है.
विक्रम मिसरी का यह दौरान आठ अप्रैल से दस अप्रैल तक चलेगा.
नेतन्याहू बोले- 'इसराइल का लेबनान के साथ कोई संघर्षविराम लागू नहीं'
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इमेज कैप्शन, नेतन्याहू ने कहा कि इसराइली सेना पूरी ताक़त से हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रही है (फ़ाइल फ़ोटो)
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इसराइल का लेबनान के साथ किसी भी तरह का 'संघर्षविराम लागू नहीं' है.
इससे पहले उन्होंने एक बयान में कहा था कि उन्होंने अपनी कैबिनेट को लेबनान से बातचीत के निर्देश दिए हैं.
इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने नेतन्याहू का एक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया है. इस वीडियो में नेतन्याहू उत्तरी इसराइल के निवासियों को संबोधित करते नज़र आ रहे हैं.
उन्होंने कहा, "मैं आपको बताना चाहता हूं कि लेबनान में कोई संघर्षविराम लागू नहीं है. हम पूरी ताक़त से हिज़्बुल्लाह पर हमले जारी रखे हुए हैं और हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक आपकी सुरक्षा बहाल नहीं कर देते."
इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने नेतन्याहू का एक अन्य बयान जारी किया.
नेतन्याहू ने कहा, "लेबनान की ओर से इसराइल के साथ सीधे बातचीत शुरू करने के बार-बार किए गए अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए मैंने कल सरकार की बैठक में निर्देश दिया कि लेबनान के साथ जल्द से जल्द सीधे बातचीत शुरू की जाए."
उन्होंने लेबनान के प्रधानमंत्री की 'बेरूत के निरस्त्रीकरण' की अपील की तारीफ़ करते हुए यह भी कहा, "यह बातचीत हिज़्बुल्लाह के हथियार छोड़ने और इसराइल और लेबनान के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करने पर केंद्रित होगी."
लेबनान पर इसराइली हमले जारी, जवाब में हिज़्बुल्लाह ने भी दागीं मिसाइलें
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इमेज कैप्शन, इसराइली सेना का कहना है कि उसने 'आतंकवादी ठिकानों' को निशाना बनाया है
दक्षिण लेबनान के शहर चौकिन का एक गाँव इसराइली हमलों की वजह से मलबे में बदल गया है. वहाँ से कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जो इसकी पुष्टि करती हैं.
इससे पहले इसराइली एयर फ़ोर्स ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि वह इलाक़े में "आतंकवादी ठिकानों" को निशाना बनाएगी.
पोस्ट में कहा गया, "एयर फ़ोर्स ने कुछ समय पहले लेबनान में आतंकवादी संगठन हिज़्बुल्लाह के लॉन्च साइट्स पर हमला शुरू कर दिया है."
लेबनान के सरकारी मीडिया ने सोशल मीडिया पर बताया कि लड़ाकू विमानों ने कई अन्य शहरों को भी निशाना बनाया है. इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं और आम लोगों के घर तबाह हो गए हैं.
इस बीच हिज़्बुल्लाह ने भी इसराइल पर जवाबी हमले किए हैं. हिज़्बुल्लाह ने एक बयान जारी कर उत्तरी इसराइल में रॉकेट हमले की पुष्टि की है.
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इमेज कैप्शन, इसराइली हमलों में कई घर तबाह हुए हैं
हिज़्बुल्लाह समर्थक टेलीविज़न चैनल अल-मनार की ओर से साझा किए गए एक बयान में हिज़्बुल्लाह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.
इसमें कहा गया है कि हाइफ़ा शहर को "एडवांस्ड मिसाइलों से" निशाना बनाया गया. यह भी कहा गया कि समूह ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसने "संघर्षविराम का पालन किया", जबकि "दुश्मन ने नहीं किया".
हिज़्बुल्लाह से जुड़े एक अलग बयान में यह भी कहा गया है कि उसने लेबनान के शहर बिंत जबैल में इसराइली सैनिकों पर रॉकेट दागे. इस पर आईडीएफ़ ने कोई टिप्पणी नहीं की है.
उधर, इसराइल की आपात सेवाओं ने कहा था कि वह उत्तरी इसराइल पर किए गए एक हमले का जवाब दे रही हैं. इसराइली मीडिया ने रिपोर्ट किया कि हाइफ़ा इलाक़े में सायरन बजे थे.
रॉयटर्स के अनुसार, इसराइल के तेल अवीव में एयर रेड सायरन बजे.
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इमेज कैप्शन, इसराइली हमलों में कई लोगों के घायल होने की ख़बर है
ईरानी मीडिया ने बताया, 'अली ख़ामेनेई के सलाहकार रहे पूर्व विदेश मंत्री की मौत', ग़ोंचेह हबीबीज़ाद, बीबीसी पर्शियन
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इमेज कैप्शन, कमाल ख़राज़ी को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई के सलाहकार के तौर पर जाना जाता था (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि देश के पूर्व विदेश मंत्री कमाल ख़राज़ी की मौत हो गई है.
रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस महीने की शुरुआत में हुए एक हमले में वो घायल हो गए थे.
ख़राज़ी को ईरान की सियासत में एक सुधारवादी नेता, देश की स्ट्रैटेजिक काउंसिल ऑन फ़ॉरेन रिलेशंस के प्रमुख और दिवंगत सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई के सलाहकार के तौर पर जाना जाता था.
उन्होंने 1997 से 2005 तक ईरान के विदेश मंत्री के रूप में काम किया.
ईरान की सुधारवादी समर्थक जामरान न्यूज़ वेबसाइट ने एक अप्रैल को रिपोर्ट किया था कि कमाल ख़राज़ी एक हमले के बाद "गंभीर रूप से घायल हो गए थे और अस्पताल में भर्ती थे".
इस रिपोर्ट के अनुसार उस हमले में उनकी पत्नी की मौत हो गई थी. जामरान ने यह भी बताया था कि तेहरान में ख़राज़ी के घर को निशाना बनाया गया था.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'होर्मुज़ को लेकर ईरान ये ठीक नहीं कर रहा है'
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरान के 'शुल्क वसूलने' से जुड़ा भी बयान दिया (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट से तेल टैंकरों को गुज़रने देने के मामले में 'बहुत ख़राब काम कर रहा' है.
उन्होंने यह भी कहा कि यह अमेरिका और ईरान के बीच हुए 'समझौते के मुताबिक़ नहीं' है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट से तेल को गुज़रने देने के मामले में बहुत ख़राब काम कर रहा है, कुछ लोग कहेंगे कि यह सम्मानजनक नहीं है. यह वह समझौता नहीं है जो हमारे बीच हुआ था."
इससे कुछ देर पहले एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने कुछ रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा था कि ईरान को होर्मुज़ से गुज़रने वाले टैंकरों से 'शुल्क नहीं लेना चाहिए'.
उन्होंने कहा, "रिपोर्ट्स हैं कि ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले टैंकरों से शुल्क ले रहा है. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए और अगर वे ऐसा कर रहे हैं, तो उन्हें तुरंत इसे बंद कर देना चाहिए."
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