You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

लाइव, राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर ऐसा क्या कहा कि राजनाथ सिंह ने की माफ़ी की मांग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'मैजिशियन' यानी 'जादूगर' कहा. इसके बाद सत्ता पक्ष ने उनके इस बयान का कड़ा विरोध किया और माफ़ी की मांग की.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, सुमंत सिंह

  1. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर ऐसा क्या कहा कि राजनाथ सिंह ने की माफ़ी की मांग

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'मैजिशियन' यानी 'जादूगर' कहा. इसके बाद सत्ता पक्ष ने उनके इस बयान का कड़ा विरोध किया और माफ़ी की मांग की.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, "सर सच्चाई ये है कि जादूगर पकड़ा गया है. बालाकोट का जादूगर, नोटबंदी का जादूगर, (ऑपरेशन) सिंदूर का जादूगर अचानक से पकड़ा गया. क्योंकि..."

    इसके आगे राहुल गांधी कुछ बोलते कि लोकसभा में हंगामा हो गया. सत्ता पक्ष ने उनके बयानों का कड़ा विरोध किया.

    संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बीच में खड़े होकर कहा, "बार-बार हमने राहुल गांधी जी से अनुरोध किया कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते आप बोलिए मगर नियम से बोलिए. ये इस देश के 140 करोड़ लोगों के चुने हुए प्रधानमंत्री को अनाप-शनाप बोलकर क्या साबित करना चाहते हैं?"

    उन्होंने कहा, "हम लोग उम्मीद करते हैं कि राहुल गांधी मेच्योर हो गए हैं. अफ़सोस की बात है कि नेता प्रतिपक्ष क्या भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं."

    इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खड़े होकर राहुल गांधी के बयान का कड़ा विरोध किया.

    राजनाथ सिंह ने कहा, "इस देश के प्रधानमंत्री के संबंध में जिस प्रकार के शब्दों का प्रयोग नेता प्रतिपक्ष के द्वारा किया जा रहा है, मैं समझता हूं कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है."

    उन्होंने कहा, "इस देश की जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया है... ये बार-बार मैजिशियन कहकर किसी व्यक्ति का अपमान नहीं कर रहे हैं, ये देश की जनता का अपमान कर रहे हैं."

    "मैं अनुरोध करता हूं कि जिन शब्दों का इन्होंने इस्तेमाल किया उन्हें सदन की कार्यवाही से बाहर निकाला जाना चाहिए और राहुल गांधी को देशवासियों से क्षमा मांगनी चाहिए."

  2. प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक को लेकर सभी सांसदों से की यह अपील

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयकको सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की है.

    उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इसे 'बहुत बड़ा अवसर' बताया है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "मैं सभी सांसदों से कहूंगा... आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए. देश की नारी शक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है. उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए"

    उन्होंने कहा कि इस संशोधन के सर्वसम्मति से पारित होने पर देश की नारी शक्ति 'और सशक्त होगी' और 'देश का लोकतंत्र और भी सशक्त होगा'.

    पीएम मोदी ने आख़िर में कहा, "आइए, हम मिलकर आज इतिहास रचें. भारत की नारी को, देश की आधी आबादी को उसका हक दें."

    संसद को विशेष सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन और डीलिमिटेशन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा हो रही है.

    सरकार का कहना है कि ये विधेयक महिलाओं को सशक्त बनाएंगे, जबकि विपक्ष जनसंख्या गणना से पहले इन विधेयकों को पेश किए जाने पर सवाल उठा रहा है.

  3. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  4. साल 2023 में पास महिला आरक्षण विधेयक के लागू होने की तारीख़ और मौजूदा बहस पर विपक्ष ने ये कहा

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में जारी बहस पर हैरानी जताई है.

    जयराम रमेश ने इस पोस्ट में लिखा था, "यह तो बिल्कुल ही अजीब है. सितंबर 2023 में पास हुआ 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' आज से लागू हो गया है, जबकि इसमें किए जाने वाले संशोधनों पर अभी भी बहस चल रही है और उन पर कल मतदान होगा. मैं तो पूरी तरह से हैरान हूँ."

    साल 2023 में पास हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में कहा गया है कि लोकसभा, राज्यों की विधानसभाओं और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधानसभा में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.

    लेकिन इसके लागू होने को भविष्य में होने वाली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था.

    जयराम रमेश ने इसके समर्थन में लॉ एंड जस्टिस मिनिस्ट्री का एक नोटिफ़िकेशन साझा किया है, जिसमें महिला आरक्षण लागू होने की तारीख़ का ज़िक्र भी किया गया है.

    शिव सेना (उद्धव ठाकरे गुट) की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक गज़ट पेपर शेयर करते हुए लिखा, ''भारत के माननीय राष्ट्रपति के इस आदेश का सीधा सा मतलब यह है कि भारत सरकार ने आज से ही संसद की मौजूदा सीटों की संख्या के आधार पर महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को मंज़ूरी दे दी है.''

    ''लोकसभा में आज संवैधानिक संशोधन पर चर्चा हो रही है और जिसके लिए 2/3 बहुमत की ज़रूरत है और जिसका मक़सद आरक्षण लागू करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाना है. अगर वह पास नहीं हो पाता है, तब भी हम इस अधिसूचना की बदौलत यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि महिलाओं को भी निर्णय लेने की प्रक्रिया में जगह मिले.''

    ''हमें बस इतना करना है कि मौजूदा 543 सीटों पर ही आरक्षण तय कर दिया जाए.''

    महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में चल रही बहस को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विरोधी दलों पर निशाना साधा है. निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के एक सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में यह टिप्पणी की है.

    निशिकांत दुबे ने एक एक्स पोस्ट में कहा, ''नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) कांग्रेस और डीएमके ने मिलकर साल 2023 में पास किया था. इसके मुताबिक़ महिलाओं को जनसंख्या और साल 2026 की जनगणना के आधार पर 33% आरक्षण मिलेगा.''

    निशिकांत दुबे ने आगे लिखा, "अब उदयनिधि स्टालिन, रेवंत रेड्डी को यह जवाब देना होगा कि जब लोकसभा सीटें जनसंख्या के अनुपात में कम होंगी तो क्या कांग्रेस इसके लिए ज़िम्मेदार होगी या नहीं."

  5. फ्रांस ने कहा, 'यूरोपीय देशों के पास होर्मुज़ स्ट्रेट में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने की क्षमता'

    फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वोत्खां ने कहा है कि बेल्जियम, नीदरलैंड और फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों के पास बारूदी सुरंगों को हटाने की क्षमता है.

    उन्होंने कहा है कि इससे होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है.

    उन्होंने कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह रक्षात्मक और गैरआक्रामक तरीके से जहाज़ों को एस्कॉर्ट करने और उनकी सुरक्षा करने की क्षमताएं मौजूद हैं, और इस पर आज पेरिस में चर्चा की जाएगी."

    फ्रांस और ब्रिटेन आज लगभग 40 देशों की एक बैठक की मेजबानी करने वाले हैं.

    इसका मक़सद यह ज़ाहिर करना है कि ये देश होर्मुज़ स्ट्रेट में शिपिंग की स्वतंत्रता को बहाल करने में भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं.

    अमेरिका और इसराइल के हमलों के जवाब में ईरान ने प्रभावी रूप से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर दिया है. इसके बदले में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के ख़िलाफ़ नाकाबंदी शुरू कर दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ी हैं.

    ईरान युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया भर की तेल और गैस सप्लाई का क़रीब 20 फ़ीसदी होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर गुज़रता रहा है.

  6. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसराइल और लेबनान से की ये अपील

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लेबनान में दस दिनों के संघर्षविराम का समर्थन किया है, लेकिन उन्होंने कुछ सावधानी बरतने की भी अपील की है.

    मैक्रों ने कहा, "मैं इस बात पर भी अपनी चिंता ज़ाहिर करता हूँ कि सैन्य अभियानों के जारी रहने से यह संघर्षविराम पहले ही कमज़ोर पड़ सकता है."

    "मैं लेबनान और इसराइल की सीमा के दोनों ओर रहने वाली आम जनता की सुरक्षा की अपील करता हूँ. हिज़्बुल्लाह को अपने हथियार छोड़ देने चाहिए. इसराइल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए और जंग रोक देना चाहिए."

    आज यानी शुक्रवार को पेरिस में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टारमर और इमैनुएल मैक्रों लगभग 40 देशों की एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

    इस बैठक का मक़सद होर्मुज़ होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए एक बहुपक्षीय मिशन स्थापित करना है.

  7. इसराइल-लेबनान युद्धविराम के बाद विस्थापितों की वापसी, लेकिन इसराइल ने इस जगह न जाने को कहा

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसराइल और लेबनान के बीच हुए संघर्षविराम समझौते का स्वागत किया है.

    गुटेरेस ने एक बयान में कहा, "मुझे उम्मीद है कि इससे संघर्ष के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में बातचीत का रास्ता खुलेगा और इस क्षेत्र में स्थायी और व्यापक शांति की दिशा में चल रहे प्रयासों में मदद मिलेगी."

    उन्होंने सभी पक्षों से संघर्ष-विराम का सम्मान करने और "अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने" का भी आग्रह किया.

    इस बीच लेबनान में बीते छह हफ़्तों से इसराइल के साथ युद्ध की वजह से विस्थापित हुए लोग अपने घर वापस आ रहे हैं.

    संघर्षविराम के बाद लेबनान में कई लोगों ने जश्न भी मनाया है. लेकिन इसराइली सेना ने लेबनानी निवासियों को लिटानी नदी के दक्षिण में न जाने की चेतावनी दी है, क्योंकि उसकी सेना अभी भी उस क्षेत्र में तैनात है.

    संयुक्त राष्ट्र के रिफ़्यूजी चीफ़ ने लेबनान में दस लाख लोगों के विस्थापित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ‘फौरन मदद’ की अपील की है.

    हिज़्बुल्लाह पर हमले के दौरान इसराइल ने लगातार लेबनान के लोगों से अपील की कि वो ख़ुद की सुरक्षा के लिए अपने ठिकानों को छोड़ दें.

    इस तरह हमले के डर से बड़ी संख्या में लेबनान में इसराइल के पड़ोसी इलाक़ों में बसे लोगों ने अपने घर खाली कर दिए थे.

    लेबनान में इसराइल के हमलों से प्रभावित इलाक़ों में आम ज़िंदगी पटरी पर लौटती दिख रही है. हालाँकि यह संघर्षविराम कितना टिकाऊ होगा, इसे लेकर आशंका भी बनी हुई है.

    लेबनानी सेना ने आरोप लगाया है कि संघर्षविराम की घोषणा के बाद भी कुछ गांवों में इसराइल ने हमले किए हैं. सेना ने इलाक़े में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.

  8. हरिवंश सिंह को निर्विरोध चुना गया राज्यसभा का उप सभापति, पीएम मोदी ने ये कहा

    नॉमिनेटेड राज्यसभा सांसद हरिवंश सिंह को निर्विरोध राज्यसभा का उप सभापति चुन लिया गया है. हरिवंश के राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन चुने जाने के बाद पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी है.

    उन्होंने कहा, "हरिवंश जी का सार्वजनिक जीवन केवल संसदीय कार्यों तक ही सीमित नहीं रहा है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने जो उच्च मापदंड स्थापित किए हैं, उन्हें आज भी आदर्श के रूप में याद किया जाता है."

    "हम सभी जानते हैं कि उनकी लेखनी में तीखापन है, लेकिन उनकी वाणी और व्यवहार में हमेशा सौम्यता और शालीनता झलकती है."

    हरिवंश का पूरा नाम हरिवंश नारायण सिंह है लेकिन कहा जाता है कि जयप्रकाश नारायण से प्रेरित होकर उन्होंने उपनाम छोड़ दिया. वे अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं और पत्रकारिता में डिप्लोमा रखते हैं.

    राजनीति की दुनिया में आने से पहले वे कई सालों तक पत्रकार रहे और उन्होंने धर्मयुग में एक उप-संपादक के रूप में शुरुआत की और रविवार और प्रभात खबर जैसे प्रकाशनों में काम किया.

    हरिवंश ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सलाहकार के रूप में कुछ समय के लिए काम किया था लेकिन उस सरकार के गिरने के बाद पत्रकारिता में वापस चले गए थे.

    साल 2014 में हरिवंश को पहली बार जेडीयू की ओर से राज्यसभा के लिए चुना गया और 2018 में वे राज्यसभा के उप सभापति चुने गए.

    साल 2022 में नीतीश कुमार की जेडीयू के एनडीए से अलग होने के बाद भी हरिवंश राज्यसभा के उप सभापति के पद पर बने रहे.

  9. क़तर ने लेबनान में संघर्षविराम की घोषणा का स्वागत किया

    क़तर ने लेबनान में हुए संघर्षविराम का स्वागत किया है और इसे तनाव कम करने की दिशा में एक कदम बताया है.

    क़तर के विदेश मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में आग्रह किया, “शांति बनाए रखने और क्षेत्र में आगे ज़्यादा तनाव बढ़ने से रोकने के लिए इस समझौते का पूरी तरह से और तत्काल पालन किया जाना चाहिए.”

    इसमें आगे कहा गया है, “विदेश मंत्रालय अपने मित्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों के लिए क़तर की ओर से उनकी सराहना करता है, जिन्होंने इस समझौते तक पहुँचने में योगदान दिया."

    इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए घोषणा की थी कि लेबनान और इसराइल 10 दिन के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.

    यह युद्धविराम भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार सुबह तड़के 2:30 बजे लागू हो गया.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित हथियारबंद समूह हिज़्बुल्लाह से अपील की है कि वो इसराइल के साथ लागू हुए संघर्षविराम का पालन करे.

  10. लेबनान के साथ संघर्षविराम के बाद इसराइल में लोग क्यों हैं हैरान, लूसी विलियम्सन, मध्य पूर्व संवाददाता, यरूशलम

    लेबनान के साथ युद्धविराम की ख़बरें आने के बाद इसराइल के उत्तरी इलाक़ों में तीन बार सायरन बजे, जो लेबनान से आने वाले रॉकेटों की चेतावनी दे रहे थे.

    उत्तरी शहर नाहरिया के ऊपर आसमान में इसराइल के हवाई सुरक्षा इंटरसेप्टर ने उन्हें रोका, जिससे ज़ोरदार धमाके हुए.

    एम्बुलेंस कर्मचारियों ने बताया कि संघर्षविराम लागू होने से कुछ घंटे पहले, रॉकेट के टुकड़ों से कम से कम तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है.

    यहाँ ज़मीनी स्तर पर इस बात को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि इसराइल के नेता ने इस सीज़फ़ायर समझौते पर हस्ताक्षर क्यों किए.

    नाहरिया में रहने वाले एक छात्र गैल ने कहा, "मुझे लगता है कि सरकार ने हमसे झूठ बोला है. उन्होंने वादा किया था कि इस बार इसका अंत अलग तरह से होगा, लेकिन ऐसा लगता है कि हम एक बार फिर ऐसे युद्धविराम समझौते की ओर बढ़ रहे हैं जिससे किसी भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकलता."

    32 साल के ट्रक ड्राइवर माओर ने कहा, "हमने लेबनान सरकार को एक मौक़ा दिया था, लेकिन वे समझौते का पालन करने में नाकाम रहे. उन्होंने हिज़्बुल्लाह के हथियार ख़त्म नहीं किए."

    पिछले साल माओर के घर पर एक रॉकेट गिरा था.

    उन्होंने कहा, "अगर हम यह काम नहीं करेंगे, तो कोई और नहीं करेगा. यह शर्म की बात है कि उन्होंने इसे रोक दिया."

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए घोषणा की थी कि लेबनान और इसराइल 10 दिन के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.

    युद्धविराम की घोषणा वाले अपने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बात की.

    तकनीकी तौर पर यह संघर्षविराम इसराइल और लेबनान के बीच है, जो हिज़्बुल्लाह का ठिकाना है.

    इस समझौते के बाद लेबनान में बड़ी संख्या में विस्थापित लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं.

  11. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने परमाणु कार्यक्रम के बारे में अब ये कहा

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने देश के परमाणु कार्यक्रम पर एक ताज़ा बयान दिया है.

    एक सोशल मीडिया पोस्ट में पेज़ेश्कियान ने लिखा, “एक शासन के लिए परमाणु हथियार, लेकिन एक पूरे राष्ट्र के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की वजह से उसके ख़िलाफ़ जंग? ईरान, इराक़ और सीरिया में वैज्ञानिकों की हत्याएं, मिनाब में बच्चों की जान लेना. क्या दुनिया के कुछ नेताओं की मानवीय अंतरात्मा मर चुकी है?”

    उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “पिछले साल यूएनजीए में मैंने इस्लाम, ईसाई धर्म, यहूदी धर्म और मानवीय अंतरात्मा के गोल्डन रूल पर लौटने का आग्रह किया था- "दूसरों के साथ वैसा व्यवहार न करें, जैसा आप अपने साथ नहीं चाहते."

    उन्होंने आरोप लगाया है कि इसराइल खुलेआम इस सिद्धांत का उल्लंघन कर रहा है.

  12. लेबनानी सेना का आरोप, सीज़फ़ायर के बावजूद इसराइल ने कई हमले किए

    लेबनानी सेना ने कहा है कि इसराइल के साथ हुए सीज़फ़ायर समझौते का कई बार उल्लंघन हो चुका है.

    सोशल मीडिया एक्स पर अपने आधिकारिक अकाउंट पर एक पोस्ट में सेना ने कहा कि उसने लेबनानी गांवों पर इसराइल के कई हमलों को रिकॉर्ड किया है.

    लेबनानी सेना ने कहा है कि इसराइल की ओर से रुक-रुककर कई बार गोलीबारी भी की गई.

    सेना ने विस्थापित लोगों से आग्रह किया है कि वे दक्षिणी कस्बों में लौटते समय सावधानी बरतें और ख़तरनाक इलाकों से दूर रहें.

    इसराइल के साथ संघर्षविराम की घोषणा के बाद हमलों की वजह से लेबनान में विस्थापित हुए लोग अब अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं.

    इस संघर्षविराम के बाद लेबनान में कई लोगों जश्न भी मनाया है.

    संयुक्त राष्ट्र के रिफ़्यूजी चीफ़ ने लेबनान में दस लाख लोगों के विस्थापित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ‘फौरन मदद’ की अपील की है.

    ख़बर लिखे जाने तक इसराइल या उसकी सेना ‘आईडीएफ़’ की ओर से इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं आई है.

    हालाँकि लेबनान के साथ समझौते के बाद इसराइल ने कहा था कि वह केवल हिज़्बुल्लाह के हमलों के जवाब में सैन्य कार्रवाई करेगा.

  13. ट्रंप ने कहा, 'ईरान युद्ध बहुत जल्द ख़त्म होना चाहिए'

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के नेवादा में टैक्स डे राउंडटेबल के दौरान ईरान युद्ध के मुद्दे पर भी बात की है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध 'बहुत जल्द ख़त्म हो जाना चाहिए.'

    उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि ईरान में युद्ध से जुड़ा मुद्दा अच्छी प्रगति कर रहा है." और यह "बहुत जल्द ख़त्म हो जाना चाहिए."

    इससे पहले व्हाइट हाउस में पत्रकारों से ईरान के साथ शांति वार्ता के बारे में ट्रंप ने कहा कि, ‘पाकिस्तान बहुत अच्छा कर रहा है. मैं इस्लामाबाद जा सकता हूं. अगर पाकिस्तान में डील साइन होती है तो मैं इस्लामाबाद जा सकता हूं.’

    पिछले सप्ताह इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच काफ़ी लंबी बातचीत हुई थी. हालाँकि यह बातचीत बेनतीजा रही थी.

    व्हाइट हाउस का कहना है कि शांति वार्ता के दूसरे राउंड के बारे में बातचीत "चल रही है" लेकिन अभी इसका समय या जगह तय नहीं हुई है.

  14. इसराइल के साथ संघर्षविराम के बाद लेबनान में जश्न - तस्वीरों में

  15. इसराइल-लेबनान समझौते के बाद ट्रंप ने हिज़्बुल्लाह से शांति बनाए रखने की अपील की

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित हथियारबंद समूह हिज़्बुल्लाह से अपील की है कि वो इसराइल के साथ लागू हुए संघर्षविराम का पालन करे.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "मुझे उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण समय के दौरान हिज़्बुल्लाह अच्छा और उचित बर्ताव करेगा."

    ट्रंप ने आगे लिखा, "अगर वे ऐसा करते हैं, तो यह उनके लिए एक 'महान' समय होगा अब और कोई हत्या नहीं होगी. आखिरकार शांति होनी ही चाहिए."

    इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए घोषणा की थी कि लेबनान और इसराइल 10 दिन के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.

    यह युद्धविराम भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार सुबह 2:30 बजे शुरू हो गया.

    युद्धविराम की घोषणा वाले अपने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बात की.

    तकनीकी तौर पर यह संघर्षविराम इसराइल और लेबनान के बीच है, जो हिज़्बुल्लाह का ठिकाना है.

    एक इसराइली अधिकारी ने बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ को बताया कि संघर्षविराम के दौरान इसराइल केवल "हिज़्बुल्लाह की तरफ़ से किए हमलों" का ही सैन्य जवाब देगा.

    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि एक अधिक स्थायी शांति समझौते के लिए यह ज़रूरी होगा कि ईरान समर्थित इस समूह के हथियार ख़त्म किए जाएं.

  16. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    हमारे पन्ने पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ें-

Trending Now