ईरान की महिला फ़ुटबॉल टीम की तीन और खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का फ़ैसला बदला, रॉबर्ट ग्रीनॉल और साइमन एटकिंसन, सिडनी से

इमेज स्रोत, EPA
ईरान की महिला फ़ुटबॉल टीम की तीन और खिलाड़ियों ने अपने देश वापस लौटने का फ़ैसला किया है. इन खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए मानवीय वीज़ा दिया गया था.
ईरानी प्रवासी समुदाय के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इन तीनों की पहचान ज़हरा सुल्तान मश्केहकर, मोना हमूदी और ज़हरा सरबली के रूप में की है.
ईरानी टीम दो मार्च को दक्षिण कोरिया के ख़िलाफ़ एशियन कप के अपने पहले मैच में देश के राष्ट्रगान के दौरान चुप रही थी. इसके बाद ईरान में उन्हें "युद्ध के गद्दार" कहा जाने लगा.
इस फ़ैसले की पुष्टि करते हुए ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव क़दम उठाया कि इन महिलाओं को देश में सुरक्षित भविष्य का अवसर मिल सके.
इससे पहले ईरान के खेल मंत्रालय ने भी एक बयान में इस ख़बर की पुष्टि की थी. यह ख़बर सबसे पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़ी तसनीम न्यूज़ एजेंसी ने प्रकाशित की थी.






