पाकिस्तानी राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली बातचीत बिना किसी नतीजे के ख़त्म हो गई. हालाँकि दोनों देशों के बीच कोई बातचीत हो पाएगी या नहीं, इसे लेकर भी शुरू से संदेह बना हुआ था.
शुक्रवार को जब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में सड़कें साफ़ की गईं और वहाँ सुरक्षा बढ़ाई गई थी, तब भी इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी कि क्या अमेरिका-ईरान शांति वार्ता आगे बढ़ पाएगी या नहीं.
फिर इस मामले में हमें हलचल दिखाई देने लगी. शुक्रवार की आधी रात को ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुँचा. उनका स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने किया.
इसके बाद शनिवार सुबह अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस 'एयर फ़ोर्स टू' विमान से उतरे तो डार और मुनीर ने उनसे मुलाक़ात की.
अलग-अलग और आमने-सामने की बातचीत
इसके बाद दोनों पक्षों ने पाकिस्तानी प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाक़ात की. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि वे "रचनात्मक रूप से बातचीत करेंगे."
फिर पाकिस्तान सरकार के सूत्रों ने बीबीसी को बताया और बाद में व्हाइट हाउस ने भी इसकी पुष्टि की कि इस्लामाबाद में आमने-सामने की त्रिपक्षीय बातचीत चल रही थी.
इस शांति वार्ता में दोनों पक्ष पूरी रात बातचीत में व्यस्त रहे, और इसके बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक की गई.
रविवार सुबह पाकिस्तान में ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने एक बयान जारी किया.
इस बयान में बातचीत को "गहन (इन्टेंसिव)" बताया गया और अमेरिका से "अत्यधिक मांगों और गैरकानूनी अनुरोधों" को छोड़ने का आग्रह किया गया.
इसके कुछ ही देर बाद उपराष्ट्रपति वेंस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि अमेरिका ने अपनी 'सीमाएं' साफ़ कर दी थीं, लेकिन ईरान उसकी शर्तों पर सहमत नहीं हुआ.
रविवार को दोनों प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान से रवाना हो गए हैं.